आजमगढ़। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में भी सेंधमारी का बड़ा प्रयास साल्वर गैंग के द्वारा जिले में किया गया। हालांकि समय रहते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया और इस गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार करने के साथ ही 14 लाख के चेक व नकद रुपये के अलावा कई फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल व स्कार्पियो गाड़ी भी बरामद किया।

कंधरापुर थाने पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश आरक्षी भर्ती परीक्षा में बड़ी सेंधमारी का प्रयास हो रहा है। परीक्षा में नकल कराने का झांसा देकर पैसों की वसूली साल्वर गैंग के द्वारा की जा रही है। इस सूचना पर कंधरापुर थाना व स्वाट टीम साल्वर गैंग की तलाश में जुट गई। शनिवार को टीम ने सेहदा से चक बिजली जाने वाले मार्ग से एक स्कार्पियो सवार सात लोगों को पकड़ा। इनके पास से पुलिस परीक्षार्थियों से वसूले गए 14 लाख के चेक, 7360 रुपये नकद, छह फर्जी आधार कार्ड, 10 मोबाइल व एक स्कार्पियो वाहन बरामद किया।

पूछताछ में साल्वर गैंग के सदस्यों ने अपना नाम संजय यादव पुत्र स्व. रामराज यादव निवासी कुंभ मठिया थाना बरदह, रोहित गुमा पुत्र भरतलाल गुमा निवासी वार्ड नंबर दो अंबेडकरनगर कस्बा व थाना मेहनगर, हरिवंश यादव पुत्र सुखई यादव निवासी दिवाकरपुर थाना गौराबादशाहपुर जनपद जौनपुर, भीम यादव पुत्र स्व. मोती यादव निवासी खनियरा थाना देवगांव, कैलाश यादव पुत्र श्यामजीत यादव निवासी ग्राम जैतीपुर थाना बरदह, राजेश तिवारी पुत्र स्व. सभाकर तिवारी निवासी ग्राम जियासड़ थाना मेंहनगर व पवन कुमार सिंह पुत्र अनिल सिंह निवासी ग्राम भगेही थाना रामपुर जिला जौनपुर बताया। कंधरापुर थाने में इनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

परीक्षा पास कराने का झांसा देकर करते थे वसूली

आजमगढ़। पकड़े गए साल्वर गैंग के सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि सरकारी नौकरी की भर्ती के दौरान हम लोग सीधे परीक्षार्थियों से अपने स्रोत से गोपनीय तरीके से संपर्क करते है। उन्हें प्रतियोगी परीक्षा में सफल कराने का झांसा देकर उनसे लाखों की रकम नगद व चेक के माध्यम से वसूलते है। इसके साथ ही एडमिट कार्ड की कॉपी वाट्सएप से मंगा लेते हैं। अपनी पहचान छिपाने के लिए हम लोग फर्जी आधार कार्ड रखते हैं, ताकि किसी को पता न चले। परीक्षा के दिन केंद्रों के समीप जाकर परीक्षार्थियों को फोन या हार्ड कापी के माध्यम से फर्जी उत्तर कुंजी उपलब्ध कराकर उनके द्वारा दिया गया पैसा ऐंठ लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हम लोगों द्वारा कई बार सोशल मीडिया पर वायरल उत्तर कुंजी को भी इस्तेमाल कर लिया जाता है। आज भी यही प्लान था, लेकिन उसके पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया।

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