ब्यूरो रिपोर्ट जितेंद्र मौर्या
आजमगढ़ ब्लॉक जहानागंज में जिला पंचायत राज अधिकारी के आदेश की जमकर धज्जियाँ उड़ाई जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार गांव को विकसित बनाने का लाख प्रयास करें लेकिन ब्लॉक जहानागंज के कर्मचारि आदेश को ताख पर रखकर मनमानी तरीके से कम कर रहे हैं।
जनवरी माह में पत्र जारी कर खंड विकास अधिकारी जहानागंज को दो दिवस के अंदर पांच क्लस्टर क्षेत्र में ग्राम विकास अधिकारियों के स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था। बड़हलगंज क्लस्टर का प्रभारी बने सचिव सतीश सिंह का दबदबा आज भी बरकरार है। नए सचिव रामप्रवेश राम को चार्ज सौपना था लेकिन इनके दबंगई के आगे उच्च अधिकारियों के आदेश को ताख पर रखकर अपने मन से काम कर लेते हैं। महीनों बीत जाने के बाद भी वह नए सचिव रामप्रवेश राम को चार्ज नहीं दे रहे हैं। सचिव रामप्रवेश इधर उधर भटक रहे हैं।
सचिव रामप्रवेश राम आदेश के अनुपालन में अपने क्लस्टर क्षेत्र जिगरसंडी का चार्ज दूसरे को सौंप कर खाली हाथ घूम रहे हैं।और खंड विकास अधिकारी से चार्ज पाने की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन खण्डविकास अधिकारी विकाश शुक्ला के कान तक आवाज नही पहुंच पा रही है।जहानागंज ब्लॉक की जांच करने पहुंचे जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज को सचिव के दबंगई की भनक भी नहीं लगी है। सूत्रों द्वारा पता चला है कि बड़हलगंज क्षेत्र के कुछ भ्रष्ट ग्राम प्रधान जो पुराने सचिव के चहेते हैं जिनको मिलाकर मन-मानी ढंग से सरकारी धन का बंदर बाँट कर लेते हैं। इसी तरह कुछ भरस्ट प्रधान भी तेज तर्राक और सख्त सचिव को अपने छेत्र में नही रहने देना चाहते हैं। क्योंकि ईमानदार सचिव आ गया तो फर्जी काम दिखाकर सरकार के धन को नही डकार पाएंगे। दबंग प्रधान के सह पर दबंग सचिव सतीश सिंह का मनोबल बढ़ता नजर आ रहा है। ब्लॉक जहानागंज में इस कारनामे की चर्चा जोरों पर है। इतना ही नहीं पूरे ब्लॉक में किसी ग्राम प्रधान की शिकायत को लाखों बार कर ले लेकिन खण्डविकास अधिकारी कोई कार्यवाही करने के बजाय पालिस बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। जिससे कई शिकायत कर्ताओं ने बताया है कि खण्डविकास अधिकारी भी एक अच्छी मोटी रकम ऐंठ लेते हैं और गलत रिपोर्ट भी लगवा देते हैं। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले को कितना गम्भीरता से लेते हैं और क्या कार्रवाई करते है।
