संवाददाता जितेंद्र मौर्या
आजमगढ़ ब्लॉक जहानागंज के कुंजी गांव में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर बड़ा खेल खेला जा रहा था। 23 अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देकर लाखों के सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया था। बीडीओ की जांच में 23 अपात्र चिन्हित भी हुए लेकिन कोई कार्यवाही नह हुई बल्कि मामले को ठंडे बस्ते में दाल दिया गया है। शिकायतकर्ता कोर्ट चला गया और एक साल बाद कोर्ट के आदेश पर जहानागंज पुलिस ने ततपरता दिखाते हुवे प्रधान समेत -चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। ब्लॉक जहानागंज को हल्के में ना ले किसी न किसी मुद्दे को लेकर चर्चा के सुर्खियों में बना रहता है।
कुंजी गांव निवासी रामनवल ने शिकायत किया शिकायत की जांच में गलत पाए जाने के बाद भी ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया था। मामला तूल पकड़ लिया और एक साल बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुवा है। ग्राम प्रधान बदामी देवी, प्रधान प्रतिनिधि राम निवास चौहान, ग्राम पंचायत अधिकारी अशोक कुमार सिंह व सेक्टर प्रभारी कृष्णकांत उपाध्याय के खिलाफ शिकायत किया कि इन लोगों की मिली भगत कर प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में बड़े पैमाने पर भरस्टाचार का खेल खेला गया है। सरकारी नौकरी वाले, पक्का मकान वाले, अविवाहित व पूर्व में प्रधानमंत्री आवास प्राप्त कर चुके लोगों को ही फर्जी तरीके से आवास आवंटित कर लिया गया है।रामनवल की शिकायत पर चार मार्च 2023 को बीडीओ राजेश कुमार व सहायक विकास अधिकारी संजय कुमार यादव ने जांच किया तो 23 अपात्र पाए गए थे। इसके बाद भी ग्राम प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत अधिकारी व सेक्टर प्रभारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर शिकायतकर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
कोर्ट के आदेश पर सोमवार की देर रात जहानागंज थाना पुलिस ने रामनवल की तहरीर पर ग्राम प्रधान बदामी देवी समेत चार के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 व 409 में मुकदमा पंजीकृत कर जांच में जुट गई है।
