आजमगढ़ : रानी की सराय थाना क्षेत्र के कस्बे में मंगलवार की सुबह पुत्र की मौत का सदमा बर्दाशत नही कर सकी मां ने भी दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। एक साथ मां-बेटे की अर्थी उठते देख हर किसी की हर किसी की आंखे नम हो गयी।
रानी की सराय कस्बा निवासी 58 वर्षीय राजकुमार मोदनवाल निजामाबाद मोड़ पर मिठाई की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। प्रतिदिन की तरह सोमवार की रात दुकान बंद कर घर आए और भोजन करने के बाद बाहर चारपाई पर सो गए। सुबह जब बच्चों ने जगाया तो वह नहीं उठे, बच्चे यह जान कर छोड़ दिये कि सुबह मौसम थोडा ठंडा है सो रहे होंगे। काफी देर बाद मां सुभागी देवी और पत्नी जगाने के लिए गई तो उनकी मौत हो चुकी थी। बेटे की मौत का सदमा बर्दाशत न कर सकी मां सुभागी देवी की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी तो लोग आनन-फानन में उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मां-बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। दोनो की एक साथ अर्थी उठने से गांव का माहौल गंमगीन हो गया और वहां अंतिम संस्कार में शामिल सभी की आंखे भर आयी।
