17 अक्टूबर 2024 को जनपद आजमगढ़ में धान की पराली और गन्ने की पत्तियों को जलाए जाने से रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिलाधिकारी श्री नवनीत सिंह चहल और अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) श्री आजाद भगत सिंह ने संयुक्त रूप से इस अभियान की शुरुआत करते हुए प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाई। ये प्रचार वाहन जनपद के सभी विकास खंडों में जाकर किसानों को जागरूक करेंगे।
जिलाधिकारी श्री नवनीत सिंह
सम्मानित किसान से अपील कि की वह कम्बाईन हार्वेस्टर से कटाई के समय एस०एम०एस०, मल्बर, सुपर सीडर और अन्य फसल अवशेष प्रबंधन के उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। फसल अवशेषों को खेत में जलाने से पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है, जिससे मृदा की संरचना खराब होती है और लाभकारी कीटों का नाश हो जाता है। इससे फसल की उत्पादकता और मानव स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक श्री मुकेश कुमार ने किसानों से आग्रह किया कि वे वेस्ट डीकंपोजर का प्रयोग कर फसल अवशेषों को कम्पोस्ट खाद में बदलें। इस खाद का अपने खेतों में उपयोग कर किसान न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ा सकते हैं बल्कि फसल अवशेष जलाने से होने वाले अर्थदंड से भी बच सकते हैं।
जनपद में इस अभियान के माध्यम से किसानों को जागरूक करने की यह पहल पर्यावरण की रक्षा और कृषि के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
