आजमगढ़, 8 जनवरी: मंडलीय चिकित्सालय, आजमगढ़ में आज एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ, जब दिनेश प्रसाद सिन्हा ने SIC के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद, उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिकित्सालय की सुविधाओं को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता ठंड के मौसम में आने वाले मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

दिनेश प्रसाद सिन्हा ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि मंडलीय चिकित्सालय में आने वाले हर मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिले। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ठंड के मौसम में मरीजों को आरामदायक और सुरक्षित वातावरण मिले, और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाए।” उन्होंने चिकित्सालय के सभी कर्मचारियों से भी मरीजों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर, चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुभाष पांडे, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. अनिल कुमार और ब्लड बैंक के सभी कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने दिनेश प्रसाद सिंह को उनके नए पदभार के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और चिकित्सालय की प्रगति और मरीजों की सेवा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

महाकुंभ 2025 के लिए आजमगढ़ ब्लड बैंक का सराहनीय योगदान

इस मौके पर, दिनेश प्रसाद सिन्हा ने महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज को आजमगढ़ ब्लड बैंक द्वारा 35 यूनिट रक्त भेजे जाने पर गहरा संतोष और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि हमने अपने ब्लड बैंक से प्रयागराज को 35 यूनिट सुरक्षित रक्त भेजा है। यह हमारे अस्पताल की क्षमता, समर्पण और सामाजिक दायित्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” उन्होंने बताया कि यह रक्त महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए आपातकालीन चिकित्सा सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आज़मगढ़ जिला अस्पताल ने महाकुंभ के लिए प्रयागराज को भेजी 35 यूनिट सुरक्षित रक्त

इसी क्रम में, मण्डलीय जिला चिकित्सालय, आजमगढ़ ने आगामी महाकुंभ 2025 के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अस्पताल ने प्रयागराज के मोती लाल नेहरू मण्डलीय चिकित्सालय को 35 यूनिट सुरक्षित रक्त भेजा है। यह रक्त, महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भेजा गया है।

आजमगढ़ जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि प्रयागराज से 6 जनवरी को एक अनुरोध प्राप्त हुआ था, जिसमें महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए रक्त की आवश्यकता बताई गई थी। इस अनुरोध पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, आजमगढ़ अस्पताल के ब्लड बैंक ने तुरंत 35 यूनिट रक्त तैयार किया और उसे प्रयागराज भेजा गया।

अधीक्षक ने आगे बताया कि भेजे गए सभी रक्त यूनिट्स की गहन जांच की गई है। प्रत्येक यूनिट को अत्याधुनिक बायोकेमे लुमिनेन्स मशीन से टेस्ट किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया गया है कि रक्त पूरी तरह से सुरक्षित है और एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, वीडीआरएल और मलेरिया परजीवी जैसे संक्रमणों से मुक्त है। उन्होंने यह भी बताया कि रक्त विभिन्न ब्लड ग्रुप्स (A+, A-, AB-, B+, B-, O+ और O-) में उपलब्ध है, जिससे जरूरतमंदों को सही रक्त समूह मिल सके। इन रक्त यूनिट्स की एक्सपायरी डेट 30 जनवरी, 2025 से 17 फरवरी, 2025 तक है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि महाकुंभ के दौरान रक्त की उपलब्धता बनी रहे।

 

यह कदम न केवल महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह आजमगढ़ जिला अस्पताल की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है कि वह आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में हमेशा तत्पर है। अस्पताल प्रशासन ने यह भी कहा कि वे भविष्य में भी इस तरह के सहयोग के लिए तैयार हैं।

यह पहल निश्चित रूप से महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आजमगढ़ जिला अस्पताल के इस मानवीय प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है।

 

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