आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल कि व्यवस्था आए दिन लचर होती जा रही है। दुर्व्यवस्थाओं के आगोश में मरीज का इलाज चल रहा है। शनिवार को हद तो तब हो गई जब डायलिसिस के लिए बेड पर लेटे मरीज अपनी डायलिसिस करवा रहे थे। अचानक डायलिसिस की बिजली कट गई। बेड पर मरीज तड़प उठे। आपातकालीन सेवा के लिए कर्मचारी जनरेटर चलाने गया तो जनरेटर भी जवाब दे गया। इसके बाद मरीजों की अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी भी भाग खड़े हुए। मंडलीय अस्पताल में हेरिटेज की तरफ से स्थापित डायलिसिस सेंटर में एक शिफ्ट में 13 लोगों की व प्रतिदिन 3 शिफ्ट में 39 मरीजों का डायलिसिस निःशुल्क होता है। डायलिसिस निःशुल्क होने के कारण अस्पताल में मरीजों की डायलिसिस के लिए लंबी वेटिंग भी लगी रहती है। शाम को दूसरे शिफ्ट की डायलिसिस हो ही रही थी । अचानक बिजली कट गई। जिससे डायलिसिस सेंटर में अफरा-तफरी मच गई। बेड पर मरीज तड़पने लगे और चीख पुकार के साथ-साथ रोना पीटना भी शुरू हो गया। कई दिनों से खराब पड़ा जनरेटर भी स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान में नहीं लिया। जिससे मरीज के साथ आए तीमदारों ने भी स्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान उठाने लगे। वहीं ड्यूटी कर रहे स्वास्थ्य कर्मी भी लोगों के आक्रोश को देखकर धीरे-धीरे खिसकने लगे। इस तरह की घटना से मरीजों की जान पर बन आई है। डायलिसिस मैनेजर प्रशांत कुमार ने बताया कि जनरेटर खराब होने के कारण डायलिसिस बंद कर दी गई है। जिसका मरम्मत कार्य होने के बाद ही अब सोमवार से डायलिसिस की जाएगी।

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