कानपुर | 19 मई 2025

कानपुर के एक सनसनीखेज हत्याकांड में चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। दलित समुदाय से संबंध रखने वाले धीरेन्द्र पासवान की हत्या के मामले में पहले यादव समुदाय के तीन लोगों को नामजद किया गया था, लेकिन जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया।

10 मई की रात धीरेन्द्र की हत्या कर दी गई। पत्नी रीना ने पहले कीर्ति यादव, रविन्द्र यादव और राजू यादव पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रविन्द्र और राजू को जेल भेज दिया।

हालांकि, जब पुलिस ने कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की गहन जांच की, तो मामला पूरी तरह पलट गया। पता चला कि धीरेन्द्र की पत्नी रीना के अपने भतीजे सतीश से अवैध संबंध थे। दोनों के बीच दिन में 50 से भी अधिक बार कॉल और चैट्स की पुष्टि हुई।

सूत्रों के अनुसार, धीरेन्द्र को चाची-भतीजे के रिश्ते की भनक लग चुकी थी। वह घर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी में था। इसी बात से घबराकर रीना और सतीश ने मिलकर उसका कत्ल कर डाला और मामले को जातिगत रंग देने की कोशिश की।

भीम आर्मी के हस्तक्षेप और सामाजिक दबाव में पहले दो निर्दोष युवकों को जेल भेजा गया था। लेकिन जांच में सच सामने आते ही पुलिस ने रीना और उसके भतीजे सतीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब उस पहली एफआईआर की भी जांच कर रही है, जिसमें झूठे नाम दिए गए थे।

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों की मर्यादा और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर देने वाला मामला बन चुकी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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