संवाददाता गणेश गुप्ता

आजमगढ़ ब्लॉक तरवा के रस्तीपुर ग्राम सभा में प्रदेश की योगी सरकार की योजनाओं को तार-तार करता नजर आ रहा है। आपको बताते चले लगभग 20 लाख के लागत से अमृत सरोवर बनाने का की योजना थी लेकिन ग्राम प्रधान राधेश्याम सरोज व सचिव विनय कुमार की मिली भगत से प्रदेश की योगी सरकार के मंसूबों पर पानी फेरते हुए नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा से कार्य न कराकर जेसीबी से पूर्व में पोखरी की खुदाई कराई गयी है। लेकिन सरकार की आंखों में धूल झोंकते हुए मनरेगा के नाम पर 50 मजदूर की फर्जी हाजिरी लगाकर मुस्ट्रोल जारी किया गया रोजगार सेवक सुमन देवी प्रधान राधेश्याम सरोज एवं सेक्रेटरी विनय कुमार मिलकर मनरेगा के नाम पर सरकारी धन को डकारने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना काम करवाये ही फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन को डकारने का कार्य किया जा रहा है। यदि 5 वर्ष का किया गया कार्य को सही तरीके से उच्च अधिकारियों द्वारा जांच करा दिया जाय तो सम्बन्धी अधिकारी जेल की सुर्खियों में होंगे और प्रधान की कई लाखों की रिकवरी बजी हो सकती है। जहां आजमगढ़ जनपद के तेज तर्रार जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के आदेशों को भी अनदेखा किया जा रहा है। यह मैं नहीं कह रहा हूं जीपीएस मैप द्वारा अमृत सरोवर की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी खुद को बयां कर रही है। अमृत सरोवर की खुदाई 20 जून से चालू फर्जी तरीके से मुस्ट्रोल द्वारा 20 लेबर के फर्जी हाजिरी लगाकर सरकार की आंख में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है वही 26 जून से 50 मजदूर की फर्जी हाजिरी सुमन देवी द्वारा लगाकर सरकारी धन की लुटने का कार्य जोरों पर चल चल रही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मौके पर एक भी मजदूर काम नहीं करते हैं। पेपर के केवल फर्जी हाजिरी लगाकर सरकार की आंख में धूल झोंक कर सरकारी धन को लूटने का कार्य किया जा रहा है। वही ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी हाथ पैर हाथ रख बैठे हुए है। ग्रामीणों ने आस लगाये बैठे हुए हैं कि योगी सरकार में इन भ्रष्ट प्रधान व ब्लाक के कर्मचारियों पर कार्रवाई होती है या मामले को ठंडा बस्ती में डाल कर मनरेगा के नाम पर सरकारी धन को लूट लिया जाता है।

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