कप्तानगंज में विद्युत विभाग के निजीकरण के खिलाफ पंचायत, बड़ी संख्या में आम जनता ने लिया हिस्सा

आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज खंडीय कार्यालय परिसर में 11 जुलाई 2028 को विद्युत विभाग के निजीकरण के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन और पंचायत का आयोजन किया गया।

पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को पीपीपी मॉडल के तहत निजी हाथों में देने के सरकार के प्रयास के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन और विद्युत कर्मचारी एकता संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी एकजुट हुए। इस विरोध में किसान, बुनकर, व्यापारी, प्रतियोगी छात्र और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियां देश की सार्वजनिक संपत्तियों को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने का प्रयास कर रही हैं। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर विद्युत विभाग का निजीकरण हुआ, तो इससे बिजली की दरों में भारी वृद्धि, रियायती बिजली का अंत, और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। किसानों और बुनकरों की आजीविका पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। साथ ही, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा।

सभा की अध्यक्षता ई. अम्बर यादव ने की, जबकि संचालन प्रभुनारायण पाण्डेय ‘प्रेमी’ ने किया।

इस अवसर पर इं. उपेन्द्र नाथ चौरसिया, राजनरायण सिंह, रवि शंकर गुप्ता, काशीनाथ गुप्ता, रोशन यादव, लालचंद यादव, तुषार श्रीवास्तव, जयप्रकाश यादव, रामनयन यादव, चन्द्रशेखर, धीरज पटेल, अखिल कुमार पाण्डेय, चन्द जीत यादव, अवधेश सिंह यादव, रामनरेश यादव और वेद प्रकाश यादव सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सभा में ग्राम प्रधानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों श्री पप्पू यादव, श्री वीरू यादव, क्षेत्र के सम्मानित अध्यापकगण और छात्र भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में विद्युत विभाग के निजीकरण का विरोध किया और सरकार से जनहित में यह निर्णय वापस लेने की मांग की।

प्रभुनारायण पाण्डेय “प्रेम”

संयोजक, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, आजमगढ़

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