वीडियो कांफ्रेस से दर्ज होगा डॉक्टर का बयान और होगी गावाही नहीं लगाएगे कोर्ट का चक्कर।

सीएमओ कार्यालय में तैयार किया जा रहा ई कोर्ट प्रोजेक्ट।

मंडल के सभी जनपदो में चल रही तैयारी।

आजमगढ़, अब डॉक्टरों को कोर्ट नहीं जाना पड़ेगा। अब डॉक्टर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर बयान रिकार्ड कराएंगे। सीएमओ कार्यालय में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम स्थापित किया जा रहा है। गवाही से एक दिन पहले संबंधित डॉक्टर पर वीडियो कांफ्रेंस का लिंक पहुंच जाएगा। ऑनलाइन गवाही देने से डॉक्टर का समय बर्बाद नहीं होगा। डॉक्टर की अनुपस्थिति में मरीज को उपचार के लिए कई दिन तक इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ता था। अब ऐसा नही होगा। डॉक्टरों को गवाही देने अदालत में उपस्थित होने से जल्द मुक्ति मिलने वाली है। उन्हें कोर्ट का चक्कर नही काटना पड़ेगा। सीएमओ कार्यालय में ई-समंस सेवा के माध्यम से जुड़ जाएगा। इसके लिए ई-कोर्ट प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही डॉक्टर कोर्ट जाने के बजाए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जज के सामने पेश होंगे। गौरतलब है कि प्रति दिन जिले के तीन से चार डॉक्टरों को बयान दर्ज कराने कोर्ट जाना पड़ता था। कोर्ट में कई घंटे लग जाने से ओपीडी प्रभावित होती थी। उस दिन डॉक्टर को ओपीडी बंद करनी पड़ती थी या मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। कुछ डॉक्टर कोर्ट में पेशी होने के नाम पर ड्यूटी से गायब रहते थे। अब ऐसा नहीं होगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए कोर्ट से पूरा उपकरण उपलब्ध कराया गया है। जिसमें 50 इंच का टीवी, वीडियो कैमरा, स्टैंड व अन्य उपकरण शामिल है। सीएमओ कार्यालय में पूरा सेटअप तैयार किया जा रहा है। जल्द ही सभी सेटअप हो जाएगा तैयार
सीएमओ कार्यालय में तैयार किया जा रहा वीडियो कांफ्रेंसिंग हाल जल्द तैयार होने की उम्मीद है। पेपरलेस न्याय प्रणाली की दिशा में कोर्ट काम कर रही है। इसी क्रम में नई सुविधा की शुरूआत की जा रही है। इसके शुरू हो जाने से मुकदमो से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्य बिना देर के वर्चुअली प्रस्तुत हो सकेंगे। जनपद के साथ ही मंडल के मऊ और बलिया जनपद में भी इसी तरह का सेटअप तैयार किया जा रहा है।

सीएमओ कार्यालय वीडियो कांफ्रेसिंग हाल तैयार किया जा रहा। उपकरण कोर्ट की ओर से उपलब्ध कराया गया है। इसे लगाने का काम चल रहा है। सेटअप तैयार हो जाने पर डॉक्टर को गावही के लिए कोर्ट नहीं जाना होगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही होगी।
डॉ. उमाशरण पांडेय, एसीएमओ।

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