स्वास्थ्य सेवाओं में दिखे जमीनी सुधार, जिलाधिकारी के निर्देशों के पालन में ढिलाई करने पर होगी कार्यवाही – सीएमओ।
अब केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार और असर दिखाई देना चाहिए।
एकेसी लाइव न्यूज़ 18
आजमगढ़, शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अब केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार और असर दिखाई देना चाहिए।
सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य हर पात्र नागरिक तक लाभ पहुँचाना है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड निर्माण, प्रसव सेवाएँ, टीबी मरीजों के भुगतान तथा आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में सुधार प्राथमिकता पर किया जाए। एमआर ड्रॉपआउट दर घटाने के लिए आशा , एएनएम व एचवी को जिम्मेदारी के साथ लगाया जाए और एमआर-1 एवं एमआर-2 टीकाकरण के बीच कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रहे।
सीएमओ ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का सत्यापन अब मंत्रा ऐप से संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी या अधीक्षक द्वारा सत्यापित करके ही किया जाएगा ताकि भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। योजनाओं की सफलता समयबद्ध भुगतान और सतत निगरानी पर निर्भर करती है।
गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के बीच बेहतर समन्वय से मातृ एवं शिशु सुरक्षा योजनाओं का प्रभाव बढ़ाया जाए जिससे मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके इसके साथ ही जटिल गर्भावस्था (HRP) के मामलों की समय पर पहचान कर संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किये जाएँ जिससे निजी अस्पतालों द्वारा किये जाने वाले आर्थिक शोषण पर अंकुश लगे।
सीएमओ ने बताया कि तरवां के 100 शैय्या अस्पताल सहित सभी चिन्हित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जो रेफरल सेंटर के रूप में कार्यरत हैं वहाँ पर औसतन कम से कम प्रति माह पाँच शल्य प्रसव किए जाने चाहिए इसके साथ ही इन रेफरल सेंटरों पर चयनित विशेषज्ञ चिकित्सक अपना सर्वोत्तम प्रयास प्रस्तुत करें इसके साथ ही UVIN पोर्टल पर टीकाकरण का पूर्ण डेटा अपलोड किया जाए और ई-संजीवनी पोर्टल पर प्रत्येक चिकित्साधिकारी प्रतिदिन कम से कम 25 एवं सीएचओ पाँच ऑनलाइन परामर्श दर्ज कराए । उन्होंने चेतावनी दी कि मार्टिनगंज, लालगंज एवं अन्य नगरीय इकाइयों में एक माह के भीतर स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित प्रभारी के विरुद्ध प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।
डेंगू, स्क्रब टायफस आदि संचारी रोगों की रोकथाम हेतु नवंबर माह भर विशेष खोजी अभियान चलाने के निर्देश दिए। गैम्बूसिया मछली के प्रयोग और एंटी-लार्वा स्प्रे के प्रभावी छिड़काव पर बल दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन हर स्तर पर अनिवार्य रूप से किया जाए। जहाँ लापरवाही या ढिलाई मिलेगी, वहाँ संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।