बीएचयू में देर रात छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर पत्थरबाजी और मारपीट हुई।
एलडी गेस्ट हाउस चौराहे पर 10 से अधिक गमले, कुर्सियाँ और कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
करीब 100 से अधिक लोग घायल हुए—जिनमें 50 छात्र, 40 सुरक्षाकर्मी और 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं।
कुछ छात्रों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
कैंपस में लगभग तीन घंटे तक तनाव रहा।
300 से ज्यादा छात्र और करीब 200 सुरक्षाकर्मियों के बीच लगातार खदेड़ने-उकसाने की स्थिति चलती रही।
विवाद की शुरुआत को लेकर दो दावे सामने आए—
छात्रों का कहना है कि एक गाड़ी वाले ने छात्रा को टक्कर मारी, जिसके बाद विवाद भड़का।
प्रॉक्टोरियल बोर्ड का दावा है कि मुंह बांधे कुछ छात्र पहले ही एक छात्र को पीट रहे थे, जिन्हें रोकने पर सुरक्षाकर्मियों पर हमला हुआ।
बवाल के बाद छात्र कुलपति आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इसी दौरान अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई।
तमिल संगमम के “वणक्कम काशी” पोस्टर भी फाड़ दिए गए।
फिलहाल किसी तरह की औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्य जुटा रही है।
