न्याय चला निर्धन से मिलने की उक्ति को चरितार्थ करें विधि के विद्यार्थी,  …. कुलपति

आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के परिसर में स्थित विधि विभाग में विधिक सहायता केंद्र का उद्घाटन किया गया। सहायता केंद्र का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंकित वर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने अपने सारगर्भित संबोधन में विद्यार्थियों की तरफ मुखातिब होते हुए सर्वप्रथम उनकी जिज्ञासाओं को परस्पर संवाद के माध्यम से शांत किया साथ उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता समाज में न्याय, समानता और समान अवसरों की आधारशिला है। उन्होंने विधि के विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे समाज में न्याय और अधिकारों की रक्षा हेतु संवेदनशील भूमिका निभाएँ । जिस राष्ट्र और समाज में विधिक प्रक्रिया विलंबित होती है अर्थात न्याय विलंब से मिलता है तो वह उद्देश्यहीन हो जाता है। न्याय चला निर्धन से मिलने कि मुक्ति को आप सभी को चरितार्थ करना है साथ ही साथ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को यह एहसास दिलाना है कि न्याय से कोई वंचित नहीं रहेगा चाहे वह अमीर हो या गरीब। , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंकित वर्मा ने बताया कि आम नागरिकों को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक न्याय सुलभ हो और कोई भी नागरिक अपने अधिकारों से वंचित न रहे । साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों के साथ परस्पर संवाद भी किए और प्राध्यापको एवं छात्रों द्वारा किए गए प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को भी शांत किए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि सिंह ने किया, जबकि प्रो.अशहद अहमद (पूर्व डीन, शिब्ली नेशनल कॉलेज), सह संयोजक आदर्श मिश्र एवं गजाला फिरदौस का सहयोग विशेष रूप से सराहनीय रहा। विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता और संवेदनशीलता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ मो.नं. 9452 4458 78

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