मऊ में हल्दी की रस्म पूरी करने जा रही महिलाओं पर दीवार गिर गई। हादसे में मरने वालों की संख्या शनिवार को आठ हो गई। इनमें दो बच्चे और छह महिलाएं शामिल हैं। हादसे को 24 घंटे बीतने के बाद भी शनिवार को घोसी कस्बे में मातमी सन्नाटा पसरा रहा।
मदा समसपुर की घटना ने कई परिवारों को वह आघात पहुंचाया है, जिसका दर्द आजीवन रहेगा। हादसे में नगर के रेलवे स्टेशन निवा जीसी यशवंत चौरसिया की पत्नी चंद्रा देवी (35) की असमय मृत्यु के बाद अब परिवार में कोई महिला नहीं रही। परिवार के मुखिया पूर्णतया बेरोजगार यशवंत उर्फ झाबर चौरसिया के सामने दो मानसिक रूप से अस्वस्थ गूंगे भाइयों के साथ बच्चों की परवरिश की समस्या खड़ी हो गई है।

इसी मोहल्ले के सत्यवान मौर्य के ढाई साल के पुत्र माधो की मृत्यु होने के साथ पत्नी विद्या देवी एवं बड़ा पुत्र हरिओम 8 वर्ष प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है। कस्बा नगर के स्टेशन के पीछे रहने वाले सुखदेव गोंड़ जो ठेला लगाकर जीवकोपार्जन करता है, उनकी भी पत्नी मीरा देवी (35) की भी हादसे में मौत के बाद इनके सामने पुत्र रवि और पुत्री गायत्री की देखभाल की समस्या आ गई है।

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