आजमगढ़:उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ एवं तमसा काव्य मंच आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन समारोह और कवि गोष्ठी का आयोजन नगर स्थित मारवाड़ी धर्मशाला के दीप सदन सभागार में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के संयोजक विजयेंद्र करुण ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत डॉ. रुद्रनाथ चौबे ‘रुद्र’, रत्नेश राय, संतोष पांडे, शालिनी राय और रितेश पांडे ने माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम के प्रायोजक राकेश पांडेय ‘सागर’ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने विचार रखे। संस्था के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ‘दानिश’ ने ‘साहित्य में होली का स्थान’ विषय पर चर्चा की प्रस्तावना रखी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. प्रभुनाथ सिंह ‘मयंक’ ने अपने संबोधन में ऋग्वेद काल से लेकर वर्तमान समय तक होली के इतिहास और साहित्य में उसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें जनपद के कई प्रतिष्ठित कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

इस दौरान संजय कुमार पांडे ‘सरस’, डॉ. प्रवेश सिंह, डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह ‘चांस’, पंडित जन्मेजय पाठक, पंडित हरिहर प्रसाद पाठक, अमित श्रीवास्तव एडवोकेट, बृज बाला, श्रीमती सपना बनर्जी, राजेश अनंत, संदीप राय, रूपेश मौर्य और नामी चिरैयाकोटी सहित कई कवियों ने देर रात तक अपनी रचनाओं से समां बांधे रखा।

कार्यक्रम का संचालन विजयेंद्र करुण ने किया। इस अवसर पर संस्था में नए दायित्व भी सौंपे गए, जिसमें राकेश पांडे ‘सागर’ को उपाध्यक्ष, श्रीमती बृजबाला को संगठन मंत्री तथा संदीप गांधी ‘निहाल’ को सह मंत्री बनाया गया। अंत में सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

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