निजी प्रयासों से बदल रही कोल्हुखोर CHC की तस्वीर, अधीक्षक की पहल बनी मिसाल, एक पौधा बच्चे के नाम लगाने की अपील

आजमगढ़: कहते हैं कि अगर इंसान की सोच और इरादे नेक हों तो बदलाव अपने आप दिखाई देने लगता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा आजमगढ़ जिले के जहानागंज क्षेत्र स्थित कोल्हूखोर सीएचसी में देखने को मिल रहा है। यहां अस्पताल की तस्वीर दिन-प्रतिदिन बदल रही है। खास बात यह है कि यह बदलाव किसी बड़े सरकारी बजट से नहीं, बल्कि अस्पताल में तैनात अधीक्षक डॉ. कुशल कुमार नंदन की व्यक्तिगत पहल और मेहनत से हो रहा है।

डॉ. कुशल कुमार नंदन ने बताया कि उन्हें यहां कार्यभार संभाले अभी लगभग एक वर्ष हुआ है। अस्पताल की पुरानी व्यवस्था और संसाधनों की स्थिति देखकर उन्होंने संकल्प लिया कि सीएचसी को व्यवस्थित, सुंदर और मरीजों के लिए बेहतर बनाया जाएगा। उनका प्रयास है कि यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को किसी निजी अस्पताल की कमी महसूस न हो।

अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं साफ-सफाई, बेहतर वातावरण और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। अधीक्षक ने प्रशासन से पुराने बिजली के तार बदलवाने और चिकित्सकों की कमी दूर करने की मांग भी की है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो सकें। डॉ. नंदन ने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में अस्पताल में कई नई जांच सुविधाएं शुरू कराई जाएंगी। उनकी एक अनोखी पहल भी चर्चा में है, जिसमें नवजात बच्चों के परिजनों से एक पौधा लगाने की अपील की जा रही है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होगा, वैसे-वैसे वह पौधा भी बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा।

यही नहीं इन सारी सुविधाओं के अलावा हीट वेब या फिर यूँ कहे की जानलेवा गर्मी और लू के थपेड़े को देखते हुए एक ऐसी सुविधा इस अस्पताल में डॉक्टर ने प्रोवाइड कराई है जो कि वाटर कूलर से लोगों की प्यास तो बुझ ही रही साथ ही मरीजों के लिए बड़े-बड़े कुलर अस्पताल में जगह-जगह लगाया गया है जिससे मरीज और तीमारदार काफी सुकून महसूस कर रहे हैं।

कोल्हूखोर सीएचसी में हो रहे इस बदलाव को क्षेत्रीय लोग सराह रहे हैं और डॉक्टर की इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *