आजमगढ़, 29 जून।

उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, आजमगढ़ के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ‘दाहिर’ की कृति ‘फ़ज़ा-ए-हस्ती’ का भव्य विमोचन एवं कवि गोष्ठी का आयोजन नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय प्रतिभा निकेतन, एटलस टैंक, आजमगढ़ के सभागार में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत संस्था के उपाध्यक्ष राकेश पांडे ‘सागर’ ने स्वरचित सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को साहित्यिक गरिमा से आलोकित किया।

पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. प्रभुनाथ सिंह ‘मयंक’, मुख्य अतिथि जनाब उमैरुस सिद्दीक नदवी (प्रमुख, शिब्ली एकेडमी) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रवेश सिंह, विभागाध्यक्ष, चंडेश्वर पी.जी. कॉलेज के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।

अपने उद्बोधन में डॉ. प्रवेश सिंह ने ‘फ़ज़ा-ए-हस्ती’ को हिंदी-उर्दू साहित्य की महत्वपूर्ण कृति बताते हुए इसे अदब की दुनिया में मील का पत्थर बताया। मुख्य अतिथि जनाब उमैरुस सिद्दीक नदवी ने पुस्तक को गंगा-जमुनी तहज़ीब का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से सराहना की। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. प्रभुनाथ सिंह ‘मयंक’ ने पुस्तक की विस्तार से समीक्षा करते हुए इसे आजमगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं काव्य परंपरा की महत्वपूर्ण कड़ी बताया तथा लेखक को शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

विमोचन समारोह के उपरांत आयोजित कवि गोष्ठी में जनपद एवं जनपद के बाहर से आए एक दर्जन से अधिक कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध रखा। काव्य पाठ करने वाले प्रमुख रचनाकारों में दिनेश श्रीवास्तव ‘दाहिर’, विजयेंद्र ‘करुण’, सोहनलाल ‘स्नेहिल’, कौशल राय, डॉ. रुद्रनाथ चौबे ‘रुद्र’, राकेश पांडे ‘सागर’, रत्नेश राय, श्रीमती बृजबाला, श्रीमती शालिनी राय, संतोष कुमार पांडे, आदित्य आज़मी, अजय कुमार पांडे, संदीप गांधी ‘नेहाल’ तथा गुलशन फरीदाबादी शामिल रहे

कार्यक्रम के दोनों सत्रों का प्रभावी एवं सफल संचालन संस्था के संयोजक विजयेंद्र ‘करुण’ ने किया।

इस अवसर पर विश्व साहित्य शोध संवर्धन के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष द्वारा उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के मंडल संयोजक, वरिष्ठ कवि, साहित्यकार एवं पत्रकार संजय पांडे ‘सरस’ को ‘सारस्वत सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में लाल बहादुर चौरसिया, संदीप राय, वसीउर्रहमान, राजेश अनंत, संजीव गुप्ता एवं प्रियम तिवारी सहित अनेक साहित्यप्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. प्रभुनाथ सिंह ‘मयंक’ ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अगली सूचना तक कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा की।

 

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