26 अगस्त 2026 को जी.डी. ग्लोबल स्कूल, करतालपुर बाईपास, आजमगढ़ में कैप्सिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के अंतर्गत शिक्षकों के लिए एक विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों के व्यावसायिक कौशल को विकसित करना, नवीन शिक्षण-पद्धतियों से परिचित कराना तथा कक्षा-कक्ष में प्रभावी एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देना रहा। कार्यशाला में दो प्रतिष्ठित रिसोर्स पर्सन ने अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता से शिक्षकों को लाभान्वित किया। डॉ. अपर्णा सिंह, प्रधानाचार्या, रियो वर्ल्ड अकैडमी आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) तथा श्री तरुण रूपानी, प्रधानाचार्य, डॉ. अमृतलाल इशरात मेमोरियल सनबीम स्कूल, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रभावी शिक्षण, कक्षा-प्रबंधन, विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को समझने तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रचनात्मक एवं परिणामपरक बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। दोनों रिसोर्स पर्सन ने शिक्षकों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया तथा विभिन्न शैक्षणिक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए। शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने प्रश्न रखे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका श्रीमती स्वाती अग्रवाल ने कहा कि “शिक्षकों का निरंतर सीखते रहना ही शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाता है। ऐसे कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप शिक्षकों को नई दृष्टि, नवीन विचार और प्रभावी शिक्षण-पद्धतियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल ने कहा कि “एक सशक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों का निरंतर व्यावसायिक विकास आवश्यक है। इस प्रकार की कार्यशालाएँ शिक्षकों को बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”कार्यकारी निदेशक श्रीश अग्रवाल ने कहा कि “हमारा प्रयास सदैव ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहाँ शिक्षक और विद्यार्थी दोनों निरंतर सीखें और आगे बढ़ें। विशेषज्ञों के अनुभव एवं मार्गदर्शन से शिक्षकों को निश्चित रूप से अपने शिक्षण कार्य को और प्रभावी बनाने की प्रेरणा मिलेगी।”प्रधानाचार्या (वेन्यू डायरेक्टर) श्रीमती दीपाली भुस्कुटे ने कहा कि “शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं भविष्य का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। इसलिए शिक्षकों का प्रशिक्षण और क्षमता-विकास विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। आज की कार्यशाला ने शिक्षकों को नई ऊर्जा, नई दृष्टि और बेहतर शिक्षण के लिए उपयोगी दिशा प्रदान की है।”

कार्यशाला के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से दोनों रिसोर्स पर्सन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने शिक्षकों में सीखने की नई ऊर्जा और शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने का उत्साह पैदा किया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *