संवाददाता देवेंद्र कुशवाहा
कब्जे से एक पिस्टल सहित तीन अवैध तमंचा व कारतूस बरामद
जनपद मऊ के पुलिस अधीक्षक इलामारन जी के निर्देशन में अपराध/अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक महेश सिंह अत्री के कुशल पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद के नेतृत्व में थाना मुहम्मदाबाद पुलिस को उस समय अहम सफलता हाथ लगी जब शुक्रवार को देखभाल क्षेत्र व चेकिंग के दौरान जरिये मुखबिर की सूचना पर कि दो दिन पूर्व खुशामदपुर में चली गोली कांड से सम्बन्धित (मु0अ0सं0 195/2024 धारा 34/307/504/506 भादवि) वांछित अभियुक्त जो कमालपुर कोलौरा की तरफ से आ रहे व मड़ैया चट्टी होते हुए कही जाने की फिराक में है, इस सूचना पर पुलिस टीम मड़ैया चट्टी से कमालपुर कोलौरा को जाने वाली रोड पर कुछ दूर अन्दर जाकर भठ्ठे के पास कमालपुर कोलौरा की तरफ से तीन व्यक्ति आते हुए दिखायी दिये कि तीनो व्यक्तियो के और पास आने पर पुलिस टीम व्यक्तियो को रोकने का इशारा किया गया तो तीनो व्यक्ति एकाएक पुलिस वालो को देखकर पीछे मुड़कर भागना चाहे कि पुलिस टीम द्वारा तीनो व्यक्तियों को पकड़ लिया गया। पकड़े गये व्यक्तियों से नाम पता पूछा गया तो 1. रामप्रवेश यादव पुत्र अन्तू यादव समस्त साकिन खुशामदपुर थाना मु0बाद गोहना जनपद मऊ 2. मनोज यादव पुत्र अन्तू यादव निवासी खुशामदपुर थाना मु0बाद गोहना जनपद मऊ 3. विनोद यादव पुत्र अन्तू यादव निवासी खुशामदपुर थाना मु0बाद गोहना जनपद मऊ बताये जामा तलाशी के दौरान अभियुक्तगणों के पास से एक अदद अबैध पिस्टल .32 बोर व दो अदद अबैध तमंचा 315 बोर व दो अदद जिन्दा कारतूस .32 बोर व दो अदद जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ। कड़ाई से पूछताछ पर बताये कि साहब हम लोगो का मुलायम यादव उर्फ बृजेश यादव पुत्र सूर्यनाथ यादव निवासी खुशामदपुर थाना मु0बाद गोहना जनपद मऊ से जमीनी विवाद चला आ रहा है, उसी विवाद को लेकर बिते19 तारिख को हम लोगो में मारपीट हूई हमारे ही गांव के रहने वाले अजीत यादव व अजय यादव पुत्रगण श्रीचन्द यादव जो मुलायम यादव का सपोर्ट करते थे, उसी दिन शाम के समय हम लोग व तीन अन्य अमर यादव, अजय यादव व मोनू यादव एक साथ मिलकर रात के समय 8.00 बजे के लगभग अजीत यादव व अजय यादव के घर पर पहूंचकर अजीत व अजय को जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया, लेकिन वो लोग किसी तरह बच गये उसके बाद गांव के लोग आ गये तो हम लोग हवाई फायरिंग करते हुए वहा से भाग गये तथा आज जो पिस्टल मेरे पास से बरामद हुई है, यह वही पिस्टल है। इस सम्बन्ध में उक्त अभियोग में धारा 3/25 आयुद्ध अधिनियम के अर्न्तगत अभियोग पंजीकृत कर चालान न्यायालय किया गया।
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