आजमगढ़। जनपद में 82 विद्यालयों में सांसद और विधायक निधि के इस्तेमाल को घोटाले के आरोप में दो स्कूलों को क्लिनचिट दे दी गई। इस मामले की जांच सालों पहले शुरू हुई लेकिन अभी तक चल रही है। कृष्णा काॅलेज के प्रबंधक स्व. लालता प्रसाद यादव ने 2012 में हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल कर जिले के 82 विद्यालयों के संचालकों पर सांसद और विधायक निधि लेकर उसका दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच बड़ी तेजी से शुरू हुई, बाद में ठंडी पड़ गई। सीडीओ परीक्षित खटाना के निर्देश पर धूल फांक रही फाइलें एक फिर आलमारी से बाहर निकाली जा चुकी हैं। अधिकारी जांच करने और आरोपों के तार जोड़ने में जुट गए हैं। तत्कालीन डीएम सुहास एलवाई ने कुछ विद्यालयों की जांच रिपोर्ट को जारी किया था। इसमें कई विद्यालयों के संचालक दोषी पाए गए थे। वर्तमान इन विद्यालयों के संचालक हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रहे हैं। वहीं जिन विद्यालयों की जांच नहीं हो पाई थी उनकी फाइलें उसी तरह से पड़ी रहीं। अब शुरू हुई जांच में दो विद्यालयों को प्रशासन से क्लीन चिट दी जा चुकी है।
यह लगे थे आरोप
– विद्यालय की अपनी जमीन न होने पर भी सांसद और विधायक निधि ली गई।
– स्कूल का जमीन कहीं और है विद्यालय कहीं और बना है।
– सांसद और विधायक निधि ली लेकिन नहीं बनवाया भवन।
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मामला पुराना है। जांच की जा रही है। दो विद्यालयों की जांच पूरी हो चुकी है, जिनमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। एक-एक कर जल्द ही इन विद्यालयों की जांच को पूरा कर ली जाएगी।
ऋचा सिंह, परियोजना निदेशक
