मऊ देवेन्द्र कुशवाहा

जनपद मऊ के कोपागंज नगर पंचायत की ऐतिहासिक रामलीला मंचन के पांचवे दिन जनक दरबार में भगवान शिव की धनुष भंजन के साथ सीता स्वयंवर पाठ सम्पन्न हुआ। जनक द्वारा आयोजित स्वयंवर में देश विदेश से राजा दिग्पाल, शुर नर मुनि जब शिव धनुष को उठाने के लिए एड़ी चोटी एक कर दिए पर धनुष अपनी जगह से टस से मश नहीं हुआ। यह देख राजा जनक के माथे पर चिंता की लकिरों को देख कर गुरु विश्वा मित्र ने राजा दरशरथ के दोनों सु -कुमारो से कहाँ कि… *उठहु राम भंजन भव चापा, मेटहु तात जनक परितापा……* अर्थात हे पुत्र श्रीराम उठो और भव सागर के समान इस शिव धनुष को उठाओ और राजा जनक की पीड़ा को दूर करों। अपने गुरु विश्वामित्र का आदेश पाकर राम ने शिव धनुष को दण्डवत कर जैसे ही प्रभु श्रीराम ने धनुष को एक हाथ से उठा लिया और सभी दरबारी अचंभित नजरों से कोमल बदन राजकुमार की ओर एक टक देखते रहें। राम ने धनुष पर प्रत्यँचा चढ़ाने का प्रयास किया वह धनुष तिनके के समान टूट गयी। धनुष के टूटते ही , पूरा पंडाल जय श्रीराम जय श्री राम के नारों से गुंज उठा।
लेत चढ़ावत खैचत गाढ़े। काहुं न लखा देख सबु ठाढे। तेहि छन राम मध्य धनु तोरा। भरे भुवन धुनि घोर कठोरा……..
सुरक्षा के बाबत कोपागंज थाना अध्यक्ष नवल किशोर सिंह अपने महिला पुरुष सिपाही के साथ डटे रहे

इस दौरान राम लीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार यादव, कमेटी वरिष्ठ पदाधिकारी सुभाष चंद गुप्त, भजपा नेता मनोज सोनकर, मनोज कुमार बरनवाल, हुकुम चंद गुप्त, शैलेश यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहें।

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