निवेदन के साथ अवगत कराना है की इंडियन पैरामेडिकल एसोसिएशन पराचिकित्सकों एवं ग्रा० चिकित्सकों की समस्याओं के निदान को लेकर प्रयासरत है और ग्रामीण जनों को बेहतर आकस्मिक एवं प्रायनिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में पराचिकित्सकों एवं ग्रा० चिकित्सकों के सहयोग कभी नकारा नहीं जा सकता। वैश्विक महामारी कोविड-19 में पराचिकित्सकों एवं ग्रा० चिकित्सकों की सेवाओं से ज़्यादातर लोग लाभान्वित हुए। जिला चिकित्सालय व सामुदायिक केंद्र व हायर सेंटर अपने हाथ खड़े कर लिए थे, उस संकट की घड़ी में ग्रा० चिकित्सक अपनी जान जोखिम में डालकर देश एवं समाज की सेवा किए और कोविड-19 वैश्विक महामारी से निजात दिलाने का काम किए।
मा० मुख्यमंत्री जी से एवं मा० जिलाध्यक्ष जी से आग्रह है कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देश को जन जन तक पहुँचाने के लिए पराचिकित्सकों को आगे लाया जाए और प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लोगों तक पहुंचाया जा सके और पराचिकित्सकों एवं ग्रा० चिकित्सकों के हो रहे उत्पीड़न से निजात दिलाने की
कृपा करें और हमारी माँगे निम्नलिखित हैं :-
1. पराचिकित्सकों एवं अनुभवशील ग्रा० चिकित्सकों को प्राथमिक उपचार करने का अधिकार प्रदान किया जाए।
2. नर्सिग एवं पैरामेडिकल के हर विभाग की भर्ती निकली जाए ।
3. अनुभवशील ग्रा० चिकित्सकों को शासन द्वारा अधिकृत कुशल चिकित्सकों जैसे (जिला चिकित्सालय, सामुदायिक केंद्र एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सालय) द्वारा 6 से 12 माह का प्रशिक्षण दिलाकर प्राथमिक उपचार करने की स्वीकृति प्रदान की जाए ।
4. स्वास्थ्य संबन्धित रोगों से बचाव के लिए जन जागरुकता के लिए पराचिकित्सकों को प्राथमिकता दी जाए । 5. पराचिकित्सकों एवं ग्रा० चिकित्सकों को सम्मान देते हुये चिकित्सा मित्र बनाया जाए और चिकित्सकों के हो रहे
प्रशासनिक उत्पीड़न को रोका जाए।
