ग्रामीण चिकित्सक समाजिक एसोसिएशन द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सामने रखी 12 सूत्री मांग
आजमगढ़ / ग्रामीण चिकित्सक समाजिक एसिसिएशन ने 12 सूत्री मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सामने शान्ति पूर्वक धरना प्रदर्शन किया। एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी व आजमगढ़ जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ग्रामीण चिकित्सको को जांच के नाम पर परेशान करने व फर्जी अधिकारी बन कर धन उगाही को रोकने को लेकर दिया ज्ञापन
इस दौरान ग्रामीण चिकित्सक समाजिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने यह सवाल उठाया कि जब सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। लगातार प्रयास के बाद भी सीटें खाली पड़ी हैं। ऐसे में ग्रामीण डॉक्टर ही लोगों को समय पर इलाज सुलभ कराने का प्रयास करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता आजमगढ़ जिला अध्यक्ष प्रदेश प्रवक्ता डॉ दिनेश शर्मा ने किया। प्रदेश सचिव डॉ संतोष शर्मा ने ग्रामीण चिकित्सको को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण चिकित्सकों की मांग पूरी नहीं करती है तो ग्रामीण चिकित्सक समाजिक एसिएशन पूरे उत्तर प्रदेश में बंदी कर आंदोलन करेगी। कहा कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए इसी महीने में आजमगढ़ में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें सभी जनपदो से ग्रामीण चिकित्सक पहुंच रहे और आंदोलन को सफल बनाने को लेकर चर्चा की जाएगी प्रदेश उपाध्यक्ष *डॉ अनिल सरोज ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सक क्षेत्र के गरीब जनता को प्राथमिक उपचार करने का काम करते है। जैसे दर्द कम करने की गोली रखना, घावों की पट्टी मलहम करना, बीमार को विशेषज्ञ डॉक्टर तक पहुंचाना। ग्रामीण चिकित्सक जान हथेली पर रखकर काम करते है*। आजमगढ़ के साथ साथ पूरे उत्तर प्रदेश में ग्रामीण चिकित्सक अपनी सेवा दे रहे है। जहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष ए. के. जैशवरा ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सकों को सम्मानित किया जाना चाहिए मगर अपमानित किया जाता है।प्रदेश उपसचिव डॉक्टर एस. के. तिवारी- कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था केवल अनुदान पर टिकी हुई ठेकेदारी व्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। समय पर दवा नहीं मिल पाती है गरीब जनता को महंगे दामों पर बाहर से दवा लेने को मजबूर होते हैं। सरकारी अस्पतालों में 2 बजे के बाद चिकित्सक नहीं मिलते है। सरकारी चिकित्सक प्राईवेट प्रैक्टिस में लगे रहते है। लेडी डॉक्टर, शिशु विशेषज्ञ नहीं है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण चिकित्सकों से सहयोग लेना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में भी विभिन्न प्रकार से मरीजों से पैसा वसूला जाता है चाहे व वाहन के नाम पर हो या दवा के नाम पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यह चल रहा है। इस मौके पर कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। जिले भर के ग्रामीण चिकित्सक आजमगढ़ मुख्य चिकित्सा अधिकारी आजमगढ़ कार्यालय के सामने जमा हुए।
*ग्रामीण चिकित्सक समाजिक एसोसिएशन द्वारा की गई 12 सूत्री मांग जो इस प्रकार है*(१) चौबीसों घंटा स्वास्थ्य व्यवस्था की गारंटी हो ताकि ग्रामीण चिकित्सकों की जरूरत ही नहीं रहे।
(२) ग्रामीण चिकित्सकों को अनुभव के आधार पर रजिस्टर्ड कर स्वास्थ्य सेवा करने की अनुमति दी जाए।
(३) मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा ग्रामीण चिकित्सको से टी बी रोग, मलेरिया , मस्तिष्क ज्वर, प्लस पोलियो आदि अन्य जागरूकता अभियान में ग्रामीण चिकित्सक से सेवाए ली जाए
(४) देश में एक तरह का कानून लागू की जाय
(५) ग्रामीण चिकित्सकों की सुरक्षा की गारंटी दी जाय,
(६) ग्रामीण चिकित्सकों के उपर पुलिसिया जुल्म बंद किया जाए।
(७) ग्रामीण क्षेत्रों में अनुभव के आधार पर स्वास्थ्य मित्र बनाया जाए
(८) अनुभवी ग्रामीण चिकित्सको से किसी भी आपदा के समय में सेवाएं ली जाए
(९) समय समय पर ग्रामीण चिकित्सको को मंडलीय जिला चिकित्सालय में CMO की देख देख में प्रशिक्षण कराया जाए
(१०) समय समय पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व जिला चिकित्सालय की टीम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर ग्रामीण चिकित्सको को जागरूक किया जाए
(११) ग्रामीण चिकित्सको को प्राथमिक उपचार करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा ग्रामीण चिकित्सको को प्रषिक्षण देकर प्रमाण पत्र जारी किया जाए
(१२) ग्रामीण चिकित्सको को सम्मान से बुलाया जाए एवं एक टीम गठित कि जाए जिससे
झोलाछाप कहने वाले के ऊपर मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेजा जाए । ज्ञापन देने वालों में हरिराम सरोज आर. बी.रंजन ज्ञानचंद कमलेश राज राजेश मौर्य शैलेश सिंह मनोज यादव अनिल सरोज राजीव , एस के तिवारी करुणाकर मिश्रा सुभाष चौहान कमलेश राज —–सहित सैकड़ों चिकित्सक मौजूद रहे
