मंडलीय जिला चिकित्सालय में तैनात भूतपूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड्स की दबंगई।
जिला अस्पताल में तीनार सुरक्षा गार्ड अपने कर्तव्यों का किया होता निर्वाह तू शायद बच सकती थी जान।
अस्पताल में सुरक्षा गार्डो ने की डॉक्टर से की अभद्रता
एक घंटे ठप रही ओपीडी, परेशान रहे मरीज।
अभद्रता और दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल
आजमगढ़, मंडलीय अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को सुरक्षा गार्डो ने डॉक्टर के चेंबर में घुस कर डॉक्टर वह उनके सहयोगी के साथ अभद्रता के साथ दबंगई करते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है । डॉक्टर ने ओपीडी बंद कर दी, करीब एक घंटे ओपीडी बंद होने से मरीज परेशान रहे हैं। एसआईसी दो बालचंद प्रसाद के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। इसके पूर्व भी सुरक्षा गार्डो ने तीन डॉक्टर और स्टाफ से अभद्रता और दबंगई कर चुके है। घटना को लेकर स्वास्थ्य कर्मियो में आक्रोश है।
डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियो की सुरक्षा के लिए मंडलीय अस्पताल में वाराणसी की एक संस्था के माध्यम से सेवा निवृत्त सेना के जवानो को दो माह पूर्व तैनात किया गया है। करीब एक माह से तैनात सुरक्षा कर्मी डॉक्टर और स्टाफ से अभद्रता और दबंगई कर रहे हैं। शनिवार को नाक कान गला विभाग के डॉक्टर ओपीडी में बैठ कर मरीज देख रहे थे। बाहर दर्जनो मरीजो की भीड़ लगी थी। इस दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षा गॉड रविकांत पहुंचे, डॉक्टर के चेंबर में घुस कर अभद्रता करने लगा। इसके बाद विवाद बढ़ गया। सुरक्षा गार्ड रविकांत जिला अस्पताल में तैनात अपने अन्य सुरक्षा गार्ड राकेश बहादुर सिंह, अखिलेश सिंह, भीम सिंह वह अन्य गार्डन को बुला लिया। सुरक्षा गार्ड्स ने डॉक्टर के ओपीडी में घुसकर डॉक्टर के साथ अभद्रता करते हुए दबंगई की जिसे कारण डॉक्टर ने ओपीडी बंद बाहर निकल गए। डॉक्टर और सुरक्षा कर्मियो के विवाद का किसी ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सुरक्षा कर्मियो का यह पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेज्ञ, वरिष्ठ फिजिशियन, आर्थो के डॉक्टर से अभद्रता कर चुके है। इसके साथ ही एक सप्ताह पूर्व रात की ड्यूटी में तैनात एक वार्ड ब्वाय और दो दिन पूर्व एक स्टाफ नर्श के साथ अद्रता की थी। जिला अस्पताल में तैनाश सुरक्षा गार्ड अपने कर्तव्यों का निर्वाह किये होते होते और तमाशा बिन बन खड़े नहीं रहते तो करीब एक माह पूर्व अस्पताल की इमरजेसी के पास कुछ लोगों ने मेडिकल कराने आए अधेड़ की राड से पीट कर हत्या कर दी, इस दौरान सुरक्षा गार्ड मौन और तमाशा बिन हो गए थे अगर अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया होता तो शायद बच सकती थी जान। वहीं कुछ अन्य पीड़ितों ने जिला अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री से सुरक्षा गार्डों द्वारा किए गए अभद्रता और दबंगई की लगाई है गुहार। एसआईसी डॉ. बालचंद प्रसाद ने कहा कि डॉक्टर और सुरक्षा गार्ड विवाद हो गया था, समझौता करा दिया गया है, मामला शांत हो गया है।
