उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद से बड़ी खबर आई है। शिक्षिका कथावाचक रागिनी मिश्रा द्वारा सच्चाई उजागर करने पर शिक्षिका रागिनी मिश्रा ने मऊ जनपद में 6 पत्रकारों पर फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कर दिया है। मुकदमा दर्ज होते ही इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया सभी लोग ने चौराहे पर मुकदमा लड़ने के लिए भीख मांग कर एक संदेश दिया है। प्रदेश सरकार दिन-रात शिक्षा विभाग स्वास्थ्य विभाग पर काम कर रही है वहीं ग्रामीणों की शिकायत पर न्यूज़ कवरेज करने गए पत्रकारों ने जब शिक्षिका कथावाचक रागिनी मिश्रा का पोल खोल दिया तो रागिनी मिश्रा को नागौर लगा उन्होंने बी एस ए की मिली भगत से पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करने का खड्यंत्र रक लिया है। अपने ही बयान में शिक्षिका रागिनी मिश्रा बता भी रही है कि विदेशी भी जाना होता है तो मैं कथा बाचने मेडिकल लेकर चली जाती हूं शिक्षिका रागिनी मिश्रा को नवनिहाल बच्चों का भविष्य नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों के आरोप थे कि हॉप्तो तक नही आती हैं विद्यालय में जिसकी जीता जागता उदाहरण विद्यालय की रजिस्टर कॉपी बया कर रही हैं। फिर भी बी एस ए मऊ ने शिक्षिका रागिनी मिश्रा पर कोई कार्रवाई नहीं करते हुए उल्टे ही पत्रकारों को फसाने का काम किया है। अब सवाल खड़ा होता है कि आखिर रागिनी मिश्रा पर कब होगी कार्रवाई, शिक्षिका रागिनी मिश्रा को नही है। प्रदेश के यजस्वि मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ कब लेंगे मामले को संज्ञान में, जनता पूछ रही है। कि आखिर एक अच्छा खासा तनख्वाह लेने के बाद भी क्यों नहीं आती हैं विद्यालय, जो सरकार से सैलेरी लेने के बाद भी भाड़े पर जाती है कथा बाचने आई दिखाते हैं रागिनी मिश्रा शिक्षिका कथावाचक ने क्या कहा
