प्राचार्य आफिस के सामने महिला स्ववित्त पोषित शिक्षिका डॉ राजेश्वरी पाण्डेय ने किया धरने पर बैठने का एलान

आजमगढ़ : मामला महाराजा सुहेल देव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ से सम्बद्ध डीएवी पीजी कॉलेज में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग से नियुक्ति प्राचार्य प्रो प्रेम चन्द्र यादव से जुड़ा है। महाविद्यालय के गृहविज्ञान विषय की स्ववित्त पोषित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ राजेश्वरी पाण्डेय के अनुसार लघु शोध प्रबन्ध के मूल्यांकन कार्य हेतु कुछ शिक्षक विश्वविद्यालय गये थे। मूल्यांकन समाप्ति के बाद विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त प्रपत्र महाविद्यालय प्राचार्य को उपलब्ध कराने पर बाकी शिक्षकों व शिक्षिकाओं को तो अवकाश स्वीकृत कर दिया गया लेकिन मुझे नोटिस दे दी गयी। इसके पूर्व भी महाविद्यालय के शिक्षक जब भी विश्वविद्यालय में मूल्यांकन में जाते रहे हैं तो मौखिक व फोनिक सूचना से अवगत करा दिया जाता था और मूल्यांकन समाप्ति पर विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त प्रपत्र के आधार पर ही अवकाश स्वीकृत होता रहा है। लेकिन अबकी बार प्राचार्य महोदय द्वारा अवकाश के बजाय नोटिस दी गयी है।

नोटिस के बारे जब मैंने कालेज के बाबू व प्राचार्य से बात किया तो बाबू द्वारा कूटरचित तरीके से प्राचार्य की शह पर पहले से ही लिख रखा था कि डॉ राजेश्वरी पाण्डेय द्वारा नोटिस लेने से मना कर दिया गया। इस सम्बन्ध में जब प्राचार्य से स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गयी तो प्राचार्य महोदय उखड़ गये और अभद्रता पर उतर आये। यह एक दिन की बात नहीं है प्राचार्य महोदय आये दिन इसी प्रकार से स्ववित्त पोषित शिक्षकों को टारगेट करके बेईज्जत व प्रताड़ित एवं उत्पीड़ित करते रहते हैं। यहां तक कि जब मैंने शिकायत पत्र महाविद्यालय प्रबन्धक को देना चाही तो प्रबन्धक व प्राचार्य द्वारा आफिस बन्द कर वहां से हट गये।

प्राचार्य महोदय के इस प्रकार के अनियमित व उत्पीड़न भरी कार्यवाही के विरोध में न्याय के लिए मैं डॉ राजेश्वरी पाण्डेय प्राचार्य आफिस के सामने अनवरत धरना दूंगी, जब तक कि प्राचार्य द्वारा इस प्रकार की जा रही उत्पीड़न व प्रताड़ना भरी कार्यवाही बन्द नहीं की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *