आजमगढ़। नगर पंचायत जहानागंज के कई सभासदों ने मंडलायुक्त आजमगढ़ को शिकायती पत्र सौंपकर नगर पंचायत में व्यापक वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी की मिलीभगत से नियमों और मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

 

शिकायतकर्ताओं के अनुसार नगर पंचायत की बोर्ड बैठक जुलाई 2025 के बाद सीधे अप्रैल 2026 में आयोजित की गई, जबकि नियमानुसार नियमित बैठकें होनी चाहिए थीं। आरोप है कि सैकड़ों निर्माण कार्य बिना बोर्ड प्रस्ताव और वर्क ऑर्डर जारी किए केवल कोटेशन के माध्यम से कराए गए, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

सभासदों ने नगर क्षेत्र में लगाए गए स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट और मिनी हाईमास्ट लाइटों में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लाइटों पर ब्रांडेड कंपनियों के लोगो लगाए गए हैं, जबकि अंदर निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है। नगर की आधे से अधिक लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक टेंडर में 71 कर्मचारियों का उल्लेख है, जबकि मौके पर लगभग 50 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। आरोप है कि कुछ लोग चेयरमैन के निजी कार्यों में लगे हुए हैं और उनका वेतन नगर पंचायत के खाते से दिया जा रहा है।

 

इंडिया मार्का हैंडपंप रीबोर और स्थापना कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाते हुए सभासदों ने कहा कि 143 हैंडपंपों का टेंडर हुआ था, लेकिन स्थापना कार्य नियमों के विपरीत चेयरमैन के करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कराया गया। कई हैंडपंप निजी परिसरों और निर्धारित दूरी के मानकों की अनदेखी करते हुए लगाए गए हैं।

सभासद नजरे आलम, दुर्गेश यादव, रेसालत जहां, शिवचंदर राम समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने मंडलायुक्त से मांग की है कि उनकी मौजूदगी में उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

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