जुनियर परिवार ट्रस्ट के तत्वावधान में महात्मा गांधी जी के जयंती पर आयोजित रक्तदान शिविर एक बड़ी सफलता साबित हुआ, जिसमें कुल —- यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इस पुनीत कार्य में स्थानीय युवाओं और रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। टीबी मुक्त क्लीनिक के संस्थापक आजमगढ़ चक्रपानपुर पी जी आई के सीनियर मेडिकल आफिसर डॉ बी के पटेल टीबी रोग विशेषज्ञ ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्लड कलेक्ट होने से कई जरूरतमंद मरीजों और आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाई जा सकेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ बी के पटेल व जुनियर परिवार ट्रस्ट के इस सामाजिक और मानवीय प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है।
डा. बी. के. पटेल ने कहा कि शिविर को सफल बनाने में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और ट्रस्ट के सभी स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज जब हमारा देश महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसी महान विभूतियों की जयंती मना रहा है, तब डॉ. बीके पटेल जी ने रक्तदान कर देश के सामने सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है। गांधी जी ने हमें समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा करना सिखाया, और शास्त्री जी ने देश के लिए सर्वस्व अर्पण करने की प्रेरणा दी। आज के समय में, रक्तदान करना देश की सीमाओं पर लड़े बिना भी राष्ट्र की सेवा करने का सबसे सशक्त माध्यम है।
भारत के सभी नागरिकों के लिए आज एक महत्वपूर्ण आह्वान है:
• जीवन का सबसे बड़ा उपहार: आपका दिया हुआ रक्त किसी मरते हुए इंसान को नई जिंदगी दे सकता है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है।
• अनेकता में एकता का प्रतीक: रगों में बहने वाला खून न तो जाति देखता है और न ही धर्म। रक्तदान हमारे देश की साझा विरासत और आपसी भाईचारे को मजबूत करता है।
• स्वस्थ भारत का संकल्प: यदि देश का हर स्वस्थ नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प ले, तो भारत में कभी भी खून की कमी से किसी की जान नहीं जाएगी।
