आजमगढ़, 24 मई।पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित पीपीपी मॉडल के तहत निजीकरण के विरोध में आज सिधारी हाइडिल स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर विरोध सभा का आयोजन किया गया। यह सभा राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, उत्तर प्रदेश विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयुक्त आह्वान पर आयोजित की गई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण के विरुद्ध विद्युत विभाग का प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी संकल्पबद्ध है, लेकिन प्रबंधन आंदोलन को दबाने के लिए तरह-तरह के कुचक्र रच रहा है। उन्होंने 23 मई को जारी कार्यालय आदेश संख्या-422 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें बिना जांच के कर्मचारियों को बर्खास्त करने का प्रावधान कर मनमानी की गई है।
विरोध स्वरूप कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की अनुशासन एवं अपील (पंचम संशोधन) नियमावली-2025 की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया। सभा में आजमगढ़ जिले भर से लगभग 700 कर्मचारियों ने भाग लिया।
सभा की अध्यक्षता इंजीनियर निखिल शेखर सिंह ने की, जबकि संचालन प्रभु नारायण पांडेय ‘प्रेमी’ ने किया। कार्यक्रम में विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष विभांशु सिंह और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन सीपीएफ ट्रस्ट के ट्रस्टी मोहम्मद कलीम कुरैशी की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान उपेंद्र नाथ, संदीप राजनारायण सिंह, धीरज पटेल, जय प्रकाश यादव, चंद्रशेखर, आलोक राय, एस.एन. सिंह, चंद्रजीत यादव, आकाश गुप्ता, ए.एन. सिंह, महेश गुप्ता, तुषार श्रीवास्तव, अजय मिश्रा, अखिल पांडेय, वेदप्रकाश यादव, हेमंत यादव, आशुतोष यादव सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
