आजमगढ़ के शहर कोतवाली क्षेत्र के कुर्मीटोला मोहल्ला में एक जुलाई को एक युवती की सूझबूझ से बड़ी घटना होते होते बच गई। युवती ने गेट नहीं खोला और खतरे की आशंका देख हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर पुलिस बुला ली। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले डिलीवरी बॉय और उक्त तीनों व्यक्ति वहां से भाग गए। इसे लेकर पीड़ित पक्ष ने आठ जुलाई को थाने में तहरीर दी है। इस संबंध में पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।शहर कोतवाली क्षेत्र के कुर्मीटोला मोहल्ला निवासी सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि एक जुलाई को उनकी पुत्री जागृति पांडेय ने एक ऑनलाइन साइट से मेरे फोन नंबर से खाना ऑर्डर किया था। डिलीवरी बॉय घर पर पहुंचकर खाना डिलीवर कर वहां से चला गया। 20 से 25 मिनट बाद वह फिर घर पहुंचा और गेट खुलवाने लगा। जागृति के पूछने पर डिलीवरी बॉय ने कहा कि पूजा सिंह के नाम पर ऑर्डर है। जागृति ने कहा कि उसने इस नाम से कोई ऑर्डर नहीं किया है। इसके बावजूद वह वहीं पर मोबाइल से बातचीत करता रहा। कुछ ही देर में तीन और लोग जागृति के घर पहुंचे तो डिलीवरी बॉय वहां से रवाना हो गया। दो लोग गेट से दीवार की तरफ थे। वहीं, एक व्यक्ति दरवाजा खटखटाने लगा। जागृति ने पास आकर पूछा तो उसने खुद को जितेंद्र पाठक बताते हुए सच्चिदानंद से बात करने के लिए उसका फोन मांगने लगा। जागृति ने पिता को फोन कर बताया तो उन्होंने व्यक्ति को पहचानने से इन्कार कर दिया। इसके बाद जागृति सतर्क हो गई। गेट नहीं खोला और कमरे को बंद कर लिया। साथ ही पुलिस को हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर जानकारी दी। जब तक पुलिस वहां पहुंचती तब तक उक्त तीनों व्यक्ति वहां से भाग गए। शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने कहा कि मामले के संबंध और जानकारी जुटाकर इसकी जांच की जा रही है। उक्त लोगों की तलाश की जा रही है। सीसी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
