कुलपति जी ने हिमांशु शेखर व उनकी टीम को दी बधाई,
आजमगढ़। आज महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के लिए उस समय खुशी का लम्हा छा गया जब विश्वविद्यालय परिवार ने महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आज़मगढ़ के हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म मैनेजमेंट विभाग के विद्यार्थियों ने गोवा विश्वविद्यालय, गोवा में आयोजित टूरिज़्म स्टूडेंट कॉन्क्लेव 2025 में सक्रिय रूप से भाग लिया। इसकी सूचना जब विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को प्राप्त हुई तो सभी खुशी से गदगद दिखे विश्वविद्यालय के होनहार प्राध्यापकों के प्रयास को विश्वविद्यालय के मुखिया प्रोफेसर संजीव कुमार ने तो सराहा ही क्षेत्रवासी जनपद वासी नगर वासी सभी इस उपलब्धियां पर एक दूसरे को बधाई देते नजर आए।
वि.वि. के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रतिष्ठित अवसर पर, महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय को “उत्तर भारत का सर्वश्रेष्ठ उभरता हुआ परिसर (Best Emerging Campus of North India)” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विश्वविद्यालय के पर्यटन शिक्षा और शैक्षणिक उत्कृष्टता में निरंतर योगदान की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया।
विभाग से तृतीय सेमेस्टर के अभिषेक कुमार यादव एवं प्रथम सेमेस्टर के विपुल गुप्ता ने देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ कई शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रमिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त, हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म मैनेजमेंट विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे डॉ० हिमांशु शेखर ने कॉन्क्लेव के दौरान एक एम.ओ.यू. (MoU) पर हस्ताक्षर किया, जिसका उद्देश्य पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी प्रबंधन के क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, शोध साझेदारी, और अनुभवात्मक शिक्षा के अवसरों को सुदृढ़ करना है।
इस आयोजन ने देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के पर्यटन विषयक विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में शैक्षणिक आदान-प्रदान, नवाचार और सहयोग की भावना को प्रोत्साहित किया।
यह उल्लेखनीय सहभागिता और सम्मान, विश्वविद्यालय की इस प्रतिबद्धता का प्रतीक है कि वह पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के भावी नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने के अपने मिशन में निरंतर अग्रसर है।
बधाई देने वालों में अन्य प्रमुख लोगों मैं विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक श्री आनंद कुमार, सहायक कुलसचिव डॉ. महेश कुमार श्रीवास्तव विश्वविद्यालय परिसर के सभी प्राध्यापकगण एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी शामिल थे।
