उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार के कुशल निर्देशन और पारदर्शी कार्यप्रणाली के कारण राज्य का चीनी उद्योग फिर से सशक्त हुआ है। विगत सरकारों द्वारा जहां चीनी मिलों को औने–पौने दामों में बेचकर उद्योग को गहरी क्षति पहुँचाई गई थी, वहीं वर्तमान सरकार ने उद्योग में नई जान फूंक दी है।
राज्य सरकार के प्रयासों से अब तक 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप 4 नई चीनी मिलें स्थापित की गईं और 6 बंद मिलों को पुनः चालू कराया गया है। इसके अलावा 42 चीनी मिलों का क्षमता विस्तार किया गया है जो 8 नई मिलों के बराबर है। दो मिलों में सी.बी.जी. संयंत्र भी स्थापित किए गए हैं।
गन्ना किसानों के हित में सरकार ने स्मार्ट गन्ना किसान (SGK) के माध्यम से पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत गन्ना पर्ची, सट्टा और कैलेंडरिंग की पूरी प्रक्रिया डिजिटली संचालित होती है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने यह मॉडल अपनाया है, जिसे भारत सरकार ने अन्य राज्यों को भी लागू करने का निर्देश दिया है।
एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश नंबर वन:
वर्ष 2017 में जहाँ राज्य में केवल 61 एथेनॉल आसवनियाँ थीं, वहीं अब उनकी संख्या 97 हो चुकी है। एथेनॉल उत्पादन भी 41.28 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया है, जिससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
गन्ना क्षेत्रफल और भुगतान में ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी:
राज्य में गन्ना क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर हो गया है। यह लगभग 9 लाख हेक्टेयर की वृद्धि है। सरकार द्वारा रु. 2,90,225 करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया है, जो पिछली सरकारों की तुलना में 1.42 लाख करोड़ रुपये अधिक है।
सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों में भी रु. 1,700 करोड़ का निवेश किया गया है। वर्तमान में प्रदेश की 122 चीनी मिलें संचालित हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है
गन्ना मूल्य में रिकॉर्ड वृद्धि:
पेराई सत्र 2017-18 में ₹10 प्रति क्विंटल की वृद्धि
पेराई सत्र 2021-22 में ₹25 प्रति क्विंटल की वृद्धि
पेराई सत्र 2023-24 में ₹20 प्रति क्विंटल की वृद्धि
पेराई सत्र 2025-26 हेतु ₹30 प्रति क्विंटल वृद्धि प्रस्तावित
नई दरें —
अगेती प्रजाति: ₹400 प्रति क्विंटल
सामान्य प्रजाति: ₹390 प्रति क्विंटल
इस बढ़ोत्तरी से किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा।
किसान मोर्चा पदाधिकारीगण का वक्तव्य:
किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री श्री घनश्याम पटेल, जिला अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सिंह, जिला महामंत्री श्री प्रशांत मिश्रा, जिला मंत्री श्री तारकेश्वर राय एवं श्री सत्वीर सिंह, वरिष्ठ पूर्व जिला महामंत्री श्री रामेश्वर ने कहा कि वर्तमान सरकार की पारदर्शी नीतियों से गन्ना किसानों का विश्वास पुनः स्थापित हुआ है। अब उत्तर प्रदेश का किसान समृद्धि की राह पर अग्रसर है।
