सौरभ हत्याकांड की आरोपी पत्नी मुस्कान को मेडिकल अस्पताल से बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद वह अपनी नवजात बेटी राधा के साथ चौधरी चरण सिंह जिला कारागार पहुंच गई। इधर, न्यायालय में बुधवार को गवाह एसएसआई कर्मवीर सिंह की गवाही वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण नहीं हो सकी। अब गवाही के लिए दो दिसंबर की तारीख तय की गई है।तीन मार्च की रात ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर में मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की निर्मम हत्या कर दी थी। दोनों आरोपियों ने शव के चार टुकड़े किए और उसे एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से जमा दिया था। वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। 17 मार्च को आरोपियों के वापस लौटने पर पुलिस ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया और 19 मार्च को दोनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।जेल में नियमित मेडिकल जांच के दौरान मुस्कान गर्भवती पाई गई थी। सोमवार शाम को मेडिकल कॉलेज में उसने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। मुस्कान ने उसका नाम राधा रखा है। उसने पहले से ही तय कर रखा था कि अगर बेटा हुआ तो कृष्ण और बेटी हुई तो राधा नाम रखेगी। मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान को मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिलने के बाद जेल लाया गया है और उसे जच्चा-बच्चा वार्ड में सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि एसएसआई कर्मवीर ने पंचनामा भरकर सौरभ के शव का पोस्टमार्टम कराया था। उसकी गवाही इस केस में महत्वपूर्ण है।
