आजमगढ़ में विजय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को बदनाम करने की साजिश, ₹1.5 लाख एडवांस मांगने का दावा झूठा; भ्रामक वीडियो पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी
आजमगढ़। लक्षीरामपुर स्थित विजय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे कुछ वीडियो और अस्पताल के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि संस्थान की वर्षों से अर्जित प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार हाल ही में एक गंभीर रूप से घायल मरीज को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों की टीम ने मरीज को बचाने के लिए पूरी निष्ठा और विशेषज्ञता के साथ हर संभव प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर अस्पताल द्वारा ₹1.5 लाख एडवांस राशि मांगने का जो दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह निराधार और असत्य है। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी आरोप का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और बिना सत्यापन के इस प्रकार की जानकारी प्रसारित करना गलत है।
पूर्वांचल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.बी. त्रिपाठी ने कहा कि मरीज के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। अस्पताल की पूरी मेडिकल टीम ने मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार किया। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की निष्पक्ष जानकारी के लिए दोनों पक्षों का पक्ष जानना आवश्यक है।
वहीं डॉ. मनीष त्रिपाठी ने कहा कि अस्पताल हमेशा मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रामक वीडियो और अपुष्ट आरोपों से न केवल अस्पताल की छवि प्रभावित होती है बल्कि जनता के बीच भी गलत संदेश जाता है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे भ्रामक वीडियो और झूठे आरोपों के संबंध में कानूनी सलाह ली जा रही है तथा आवश्यक होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें और अफवाहों से बचें।
