रक्त जांच से एनीमिया, ब्लड ग्रुप, रेंडम, हीमोग्लोबिन एवं पोषण संबंधी कमियों की हुई पहचान
कुलपति ने कहा मोटे अनाज से भी स्वादिष्ट खाद्य सामग्री समाज को उपलब्ध हो सकती है यह विवि की छात्राओं ने सिद्ध किया,
आजमगढ।मसुविवि में माँ-बेटी सम्मेलन’ के अंतर्गत छात्राओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर विशेष पहल की गई। कार्यक्रम के तहत आज 100 छात्राओं के रक्त नमूनेका परीक्षण जनपद के जाने-माने डॉक्टरों की देखरेख में सफलतापूर्वक किया गया।स्वास्थ्य जांच का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में एनीमिया, पोषण संबंधी कमियों तथा अन्य संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान कर उन्हें ऊचित परामर्श एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किशोरियों एवं युवतियों में एनीमिया और पोषण संबंधी समस्याएं न केवल उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि उनकी शैक्षणिक एवं दैनिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर डालती हैं। ऐसे में समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराकर आवश्यक सावधानियां बरतना अत्यंत आवश्यक है।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी ने कहां की मां बेटी सम्मेलन के तहत स्वास्थ्य परीक्षण हेतु डॉक्टरों की एक टीम ने छात्राओं का ब्लड चेक करके उनका रेंडम हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप आदि की जांच की गई। स्वस्थ बेटियां आने वाले कल के स्वस्थ भारत की नींव रखेगी । कुलपति जी ने मिलेट्स से बने मिष्ठान एवं अन्य खाद्य सामग्री उचित दाम देकर क्रय किया और स्वयं चखकर बेटियों के हुनर को खूब सराहा, मिलेट्स के लड्डू के स्वाद को कर आते हुए संबंधित प्रतिभागी बेटी से कुलपति जी ने उसके हुनर को खूब सराहा। बेटियां विश्वविद्यालय के मुखिया को अपने पास प्रकार काफी उत्साहित दिखी।इस स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिव्या एवं डॉ. शिवांगी द्वारा प्रो. सुचिता श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में किया गया। चिकित्सा टीम ने छात्राओं के रक्त नमूने लिए और उन्हें संतुलित आहार, पोषण, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की।
फूड फेयर में दिखी भारतीय व्यंजनों की विविधता
‘माँ-बेटी सम्मेलन’ के साथ आयोजित फूड फेयर भी कार्यक्रम का आकर्षण केंद्र रहा। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न भारतीय व्यंजनों को तैयार कर प्रस्तुत किया। फूड फेयर में भारतीय खान-पान की विविधता के साथ स्थानीय एवं पारंपरिक व्यंजनों की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ व्यंजनों की प्रस्तुति एवं आयोजन में सहभागिता की।
विश्वविद्यालय की इस पहल को छात्राओं के स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की, जिससे ‘माँ-बेटी सम्मेलन’ स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विविधता का प्रभावी मंच बन गया।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव विविआजमगढ़ मो.नं. 94 5244 5878
