संवाददाता देवेंद्र कुशवाहा
समाजवादी पार्टी के केंद्रीय कार्यालय पर वित्तविहीन शिक्षकों को मिला आश्वासन
वित्तविहीन शिक्षकों का संगठन समाजवादी पार्टी तथा इंडिया गठबंधन को दे रहा समर्थन
मऊ। वित्तविहीन शिक्षकों के संगठन ने रविवार को समाजवादी पार्टी के केंद्रीय कार्यालय पर एक बैठक की। इसमें समाजवादी पार्टी तथा इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी राजीव राय ने खुद को उनकी ही बिरादरी का बताते हुए कहा कि शिक्षकों के हित में जो भी योजनाएं थीं, उन्हें नेता जी मुलायम सिंह यादव और समाजवादी पार्टी ने शुरू की थीं लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सारी अच्छी योजनाओं का बंटाधार कर दिया।
उन्होंने कहा कि सपा सत्ता में आई तो उन योजनाओं को फिर से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने पार्लियामेंट में पहुंचने पर शिक्षकों की आवाज वहां पर भी उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी आवाज नहीं उठाऊंगा जो सिर्फ पार्लियामेंट के रिकार्ड में दर्ज हो बल्कि उसके लिए सरकारों को झुकना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति हो गई है कि प्राइमरी के शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा सारा काम करना पड़ता है। वह दिन भर मोबाइल पर आन-लाइन रहकर मांगी जाने वाली सूचनाएं देने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती है कि कोई शिक्षक बने क्योंकि बच्चे शिक्षित हो जाएंगे बड़े होकर उनसे सवाल करेंगे। वह तर्क करेंगे कि पांच किलो राशन ज्यादा जरूरी है कि नौकरी या रोजगार ज्यादा जरूरी है।
वहीं वाराणसी क्षेत्र के शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव ने उन स्थितियों के बारे में जानकारी दी जिन स्थितियों में समाजवादी पार्टी तथा इंडिया गठबंधन को समर्थन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा के बाद मुलायम सिंह यादव ही ऐसे नेता हुए जिन्होंने शिक्षकों के हित में कदम उठाया। उन्होंने शिक्षकों के रिटायरमेंट की उम्र 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी। एक बार 300 और एक बार 1100 जूनियर हाईस्कूलों को ग्रांट पर लिया। उन्होंने इंटरमीडिएट और डिग्री कालेज खोलने के लिए ग्रांट दी। तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किया। उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों के लिए दो अरब रुपए दिए लेकिन जबसे प्रदेश में बीजेपी की सरकार आई है उसने वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय बंद कर दिया है। मदरसा के आधुनिकीकरण के केंद्र से जारी की जाने वाली 60 प्रतिशत राशि बंद कर दी गई थी। प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद बाकी 40 प्रतिशत राशि को भी बंद कर दिया गया है। इस समय 20-20 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। बिना सपा के आए प्रदेश के शिक्षकों का उद्धार नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि इन स्थितियों में समाजवादी पार्टी तथा इंडिया गठबंधन को वित्तविहीन शिक्षकों के संगठन ने समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आज कोई भी किसी पार्टी का पक्का वोटर नहीं है। आप लोग दलितों के बीच में जाएं। उन्हें संविधान की रक्षा, आरक्षण की रक्षा, शिक्षकों के हितों के लिए समर्थन मांगें। उन्होंने कहा कि इसके तहत संगठन की जिला इकाई ने समाजवादी पार्टी के केंद्रीय कार्यालय पर गठबंधन को समर्थन देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम को जिलाध्यक्ष जयेंद्र यादव, जनार्दन यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष सीताराम यादव, प्रदेश सचिव कमलेश यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष सीताराम यादव, प्रदेश सचिव कमलेश यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समदर्शी शिक्षक सभा जनार्दन यादव, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद गोंड निजामुद्दीन, निर्मल चौहान, रवींद्र बहादुर सिंह, आरडी यादव, मिथिलेश यादव, राजेश यादव, कपिल मौर्या, अखिलेश पांडे, अरविंद यादव, हरे राम यादव, निजामुद्दीन अहमद, अजय यादव, दीपक पासवान, रणजीत यादव आदि ने संबोधित किया। बैठक में जनपद के तमाम वित्तविहीन शिक्षक, प्रधानाचार्य और प्रबंधक मौजूद रहे।
