संवाददाता अबुज़ैद
आजमगढ़, मंडलीय जिला चिकित्सालय आजमगढ़ द्वारा ब्लड सेन्टर के कम्पोनेन्ट में स्थापित नये ब्लास्ट फिजर का फीता काट कर शुभारंम्भ हुआ। उक्त मशीन इटली में निर्मित के डब्यू साइंटिफिक कम्पनी की मशीन को इन्टास र्फामासिटकल द्वारा ब्लड सेन्टर को सी एस आर फण्ड से डोनेट कि गयी हैं।
टेक्निकल सुपरवाइजर सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया
उक्त मशीन में प्लाज्मा 30 मिनट में फ्रीज (जमना) होता है। कम समय में प्लाज्मा को फ्रीज (जमने से) प्लाज्मा के अन्दर विद्वान गुणवकत्ता बनी रहती है। जमे हुए प्लाज्मा कि गुणवकत्ता का मुल्यांकन फ्रीजिंग से पहले और बाद में फाइब्रिनोजेन की सांद्रता के मुल्यों और फीजिंग के बाद फैक्टर-8 की सांद्रता फीजिंग प्लाज्मा में विद्वान रहता है। उक्त फीजिंग प्लाज्मा में 96% फाइब्रिनोजेन और 81% फैक्टर-8 का सांद्रता रिकवरी से मरीजों को अच्छे लाभ होते है। बर्न एंव सर्जरी के मरीजों को नीव गति से अच्छी हीलींग इस प्लाज्मा चढ़ाने से होती हैं। मेडिकल साइंस में प्लाज्मा को जितनी तेजी से जमाया जाता है। तो उस प्लाज्मा में 96% फाइब्रिनोजेन और 81% फैक्टर-8 की बड़ोत्तरी होती है। वहीं वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर सतीश चंद्र कनौजिया नाम मशीन का निरीक्षण करते हुए बताया कि रक्त बैंकिंग उद्योग में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है क्योंकि यह रक्त की गुणवत्ता और इसकी चिकित्सा प्रभावशीलता को बनाए रखने में मदद करता है। रक्त को कई अलग-अलग तरीकों से संग्रहित किया जा सकता है, लेकिन सबसे आम तरीका प्रशीतन है।
रक्त बैंक रक्त और रक्त घटकों को प्रदान करने के लिए दाताओं पर निर्भर करते हैं। जब रक्त दाता से लिया जाता है, तो इसे लाल रक्त कोशिकाओं और प्लाज्मा (रक्त का तरल भाग) को निकालने के लिए संसाधित किया जाना चाहिए, जिसका उपयोग आधान के लिए किया जाता है। शेष श्वेत रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स को क्रायोप्रिजर्वेशन घोल में संग्रहित किया जाता है और -80 डिग्री सेल्सियस से नीचे के तापमान पर जमाया जाता है। यह प्रक्रिया कोशिकाओं को तब तक जीवित रखती है जब तक कि उन्हें आधान के लिए आवश्यक न हो। रक्त का भंडारण और संरक्षण महत्वपूर्ण है जैसे ही रक्त दाता से लिया जाता है, रक्त को उसके महत्वपूर्ण कोशिकाओं, प्रोटीन और अणुओं को संरक्षित करने के लिए सही तापमान पर संग्रहित किया जाना चाहिए। ब्लड बैंक का भंडारण रक्त की शुद्धता सुनिश्चित करता है। इस अवसर पर डॉ बाल चन्द प्रसाद वरिष्ठ परामर्शदाता, वरिष्ठ सर्जन डॉ सतीश चन्द कन्नौजिया वरिष्ठ परामर्शदाता, डॉ अनिल कुमार प्रभारी अधिकारी ब्लड सेन्टर, श्री सुबाष चन्द पाण्डेय टेक्निकल सुपरवाइजर तथा कम्पनी मेहरोत्रा बायोटेक के इंजिनियर मनोज कुमार सिंह, राज़िक तथा ब्लड सेन्टर के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहें।
