ब्यूरो देवेन्द्र कुशवाहा 

मऊ जिले में प्राइवेट पैथालांजी केंद्रों में जांच के लिये कोई शुल्क निर्धारण न होने से मऊ, बलिया, गाजीपुर , देवरिया गरीब मरीजों का जमकर शोषण किया जा रहा है। सीएमओ ने इस मामले में कोई नीति नही तय की है। जिससे जिले में जांच के नाम पर लूट मची है। सूत्र बता रहें है कि मऊ जनपद हर गांव की गलियों व हर नगर पंचायतो मे

झोलाछाप डाक्टर फिर से सक्रिय हो गये है और रोजाना सीएमओ कार्यालय में कई शिकायत और खबरें प्रकाशित होती हैं। मगर संबंधित डि प्टी सीएमओ हाथ पर हाथ धरे बैठे है। जिले में हर कोने में कुकुरमुत्तों की तरह पैथालाजी स्थापित है जिसमें अप्रशिक्षित डाक्टर जांच कर रहे है। अमान्य जांचे जम कर हो र ही है मगर कोई सुनने वाला नहीं है। यही नहीं पैथालाजी संचालक लिखा पढ़ी में एमबीबीएस डाक्टर का नाम अभि लेखों में दर्ज किये है मगर कभी भी डाक्टर पैथालाजी में नहीं बैठते है केवल अनट्रेंड लोग ही जांचे कर रहे है। कई

 

अस्ताल के डाक्टर मरीजों को सही जांच के लिये, मऊ, बनारस और लखनऊ तक भेजते है ताकि मरीज के जीवन से कोई खिलवाड न हो सके यह खेल कई सालो से जिले में चल रहा है इस मामले में न ही कोई अधिकारी व न ही नेता सुनने वाला है। गरीब मरीज गांव गिराव से कर्ज लेकर आता है और उसे जांच के नाम पर लूट लिया जाता है यही नही जिले की सीएमओ जनता की शिकायत को इग्नोर कर देती हैं और फिर पीड़ित चक्कर लगाता रहता है।

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