जनपद मऊ के घोसी कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर मिर्जापुर गांव निवासी और वर्तमान सभासद पद्माकर उर्फ सिंटू मौर्य एवं उनके भाई दिवाकर मौर्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जमीन दिलाने के नाम पर एक करोड़ पैंतीस लाख रुपये की ठगी के आरोप में फरार चल रहे दोनों भाइयों के घर पर शुक्रवार को घोसी कोतवाली पुलिस ने धारा 82 सीआरपीसी के तहत सार्वजनिक उद्घोषणा कर नोटिस चस्पा किया। घोसी कोतवाली के उपनिरीक्षक दिवाकर राणा की अगुवाई में पुलिस टीम ने डुगडुगी पिटवाकर अभियुक्तों को न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि वे एक माह के भीतर कोर्ट या पुलिस के समक्ष हाजिर नहीं होते तो उनकी संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 28 मई 2025 को तय की गई है। उल्लेखनीय है कि जामलपुर मिर्जापुर निवासी संगीता मौर्य ने 23 मार्च 2024 को पुलिस अधीक्षक के आदेश पर घोसी कोतवाली में केस दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके भतीजे सभासद पद्माकर उर्फ सिंटू मौर्य, उनके भाई दिवाकर मौर्य और पत्नी सोनी सिंह ने लखनऊ में जमीन दिलाने के नाम पर 12 स्थानों की जमीन बिकवाकर करीब 97.75 लाख रुपये बैंक के माध्यम से तथा 14 लाख और 23 लाख रुपये नकद हड़प लिए। बावजूद इसके न जमीन दी गई और न ही पैसा लौटाया गया।पीड़िता के मुताबिक यह लेन-देन वर्ष 2018 से शुरू हुआ और 22 जुलाई 2022 तक चलता रहा। केस दर्ज होने के बाद से ही अभियुक्त लगातार पुलिस से बचते फिर रहे हैं। कोर्ट के निर्देश पर अब कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि आरोपी कोर्ट में समर्पण करते हैं या संपत्ति कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

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