योग दिवस सप्ताह पर वि. वि. के छात्र-छात्राओं ने दुर्वासा धाम, दत्तात्रेय, चंद्रमा ऋषि, एवं भवरनाथ मंदिर के साथ हनुमान मंदिर के प्रांगण में किया योग
आजमगढ़ । महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ में विश्व योग-दिवस- 2025 में विगत दो सप्ताह से मनाए जा रहे जा रहे योगा कार्यक्रम के क्रम में एवं कुलपति प्रो. संजीव कुमार के मार्गदर्शन में आजमगढ़ और मऊ जनपद के पांच पवित्र धार्मिक स्थलों पर एक साथ योग का कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसकी निगरानी के लिए विश्वविद्यालय की तरफ से पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे। कुलपति स्वयं प्रत्येक धार्मिक स्थल पर अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते दिखे।
मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देश के क्रम में अंतर्राष्ट्रीय योग-दिवस-2025 का विगत दो सप्ताह से अनवरत विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में योग दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से योग विद्या के साथ-साथ नई पीढ़ी को प्रकृति से सामंजस्य कैसे बैठाया जाए के गुर भी सिखाए जा रहे हैं । विश्वविद्यालय परिसर में अमृत सरोवर व चंदन वाटिका के साथ-साथ आयुर्वेद, होम्योपैथिक व एलोपैथ के विशेषज्ञों को बुलाकर इसकी विशेषताओं से अवगत कराया जा रहा है जिससे नई पीढ़ी किसी भटकाव में न आए । विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के निर्देश के क्रम में आज आजमगढ़ और मऊ जनपद के पांच ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों पर विशेष रूप से जो तमसा नदी के तट पर स्थित हैं पर सुबह से ही छात्र-छात्राओं की गहमा -गहमी देखकर ,क्षेत्र वासियों के मन में यह अभिलाषा जगी कि आखिरकार कौन सा ऐसा कार्यक्रम है जिसमें विश्वविद्यालय के बेटे बेटियां ऊर्जा और जोश से लबरेज दिख रही है । जब उन्हें यह जानकारी हुई कि विश्वविद्यालय के बेटे बेटियां आज धार्मिक स्थलों पर योग कर स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का जन जागरण अभियान चला रहे हैं तो इसकी चहूं ओर सराहना होने लगी । संस्कृत के 12 योग सूत्र वाक्य के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयुष मंत्रालय द्वारा दी गई गाइडलाइन के क्रम में पूरे मनोयोग से योग किया गया । आश्चर्य तो तब लगा जब विश्वविद्यालय के मुखिया सुबह 6:35 पर ही भंवरनाथ मंदिर पर पहुंचकर स्वयं छात्र-छात्राओं के साथ योग कर उनका उत्साह वर्धन किए बच्चे अपने कुलपति को अचानक अपने बीच पाकर फुले नहीं समा रहे थे । कुलपति जी की अगवानी विश्वविद्यालय से नामित पर्यवेक्षक व संयोजक ने सामूहिक रूप से अगवानी कर कुलपति जी का स्वागत किया। बच्चों के साथ कुलपति ने केवल योग ही नहीं किया अपितु उनकी ऊर्जा को सराहा भी। यह सिलसिला महर्षि चंद्रमा ऋषि आश्रम एवं दत्तात्रेय आश्रम पर यथावत जारी रहा। विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव व सहायक कुलसचिव का काफिला अंतिम रूप से तमसा व मंजूषा के तट पर स्थित महर्षि दुर्वासा ऋषि के तपोस्थली पर जाकर रुका तो विश्वविद्यालय के मेहमानों की अगवानी महाविद्यालय के प्रबंधक व क्षेत्र वासियों ने पुष्प गुच्छ देकर किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के उपरांत तपोस्थली के साधु, महात्मा, कुलपति एवं कुल सचिव ने समेकित रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत आगाज किया। साधु महात्माओं व स्थानीय जनमानस के साथ दिवाकर सिंह, पवन राय ,उमेश आदि ने फूल मालाओं से कुलपति व उनके सहकर्मियों का स्वागत किया। योग ट्रेनर पिंकी यादव ने भारी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं को योग कराया। तमसा नदी पर स्थित सीढ़ियां भी योग कार्यक्रम की गवाह बनी। नदी तट के किनारे योग और नौनिहालों की मंद मंद मुस्कान अद्भुत छठा बिखेर रही थी। अपने आशिक संबोधन में कुलपति ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों को बेहतरीन आयोजन के लिए बधाई दी तथा छात्र-छात्राओं को योग के गुण सिखाए उन्होंने बच्चों से सुबह उठकर नियमित योग का वचन लिया तथा कहा कि योग से होगा क्या? फिर कहा स्वस्थ रहेगा तन तो लगेगा पठन-पाठन में मन। छात्र-छात्राओं से मुखातिब होते हुए उन्होंने अपने आइकान को आदर्श मानकर योग प्रत्येक दशा में करें। मुस्कुराने का कोई अवसर बेकार न जाने दे ।
कार्यक्रम में कुलसचिव विशेश्वर प्रसाद ने आयोजित समिति के बेहतर प्रबंधन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दें।कार्यक्रम में क्षेत्र वासियों की गरिमामइ उपस्थिति के अतिरिक्त दुर्वासा धाम के साधु संत सभी महाविद्यालय के प्रबंधक ,प्राचार्य ,प्रशासक ,शिक्षक गैर शिक्षक कर्मचारियों के अतिरिक्त विश्वविद्यालय की तरफ से सहायक कुलसचिव डॉ. महेश श्रीवास्तव, पर्यवेक्षकगण क्रमशः डॉ. प्रवेश, डॉ. पंकज, डॉ. जयप्रकाश डॉ. अमरजीत, डॉ. दान बहादुर के साथ-साथ संयोजक डॉ. प्रशांत के अतिरिक्त सह पर्यवेक्षक डॉ.नितेश, डॉ. सौरभ, डॉ शिवेंद्र, , कुलपति जी के सहायक विपिन शर्मा आदि उपस्थित रहे।
