आजमगढ़ के सिधारी हाइडिल स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की।
इस आंदोलन में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, जूनियर इंजीनियर्स संगठन, तकनीकी कर्मचारी संगठन समेत कई केंद्रीय ऊर्जा संगठन शामिल रहे।
हड़ताल में किसान, व्यापारी, बुनकर, उपभोक्ता और विद्युत पेंशनर्स ने भी भाग लिया।
वक्ताओं ने सरकार की निजीकरण नीति को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे बिजली महंगी होगी, रोजगार के अवसर खत्म होंगे और प्रदेश लालटेन युग की ओर लौट जाएगा।
सभा की अध्यक्षता सैय्यद मुनव्वर अली और संचालन प्रभु नारायण पाण्डेय “प्रेमी” ने किया।
प्रमुख वक्ताओं में ई. उपेंद्र नाथ चौरसिया, निखिल शेखर सिंह, एस.पी. श्रीवास्तव, रमाकांत यादव, महेश गुप्ता समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
