आजमगढ़, 17 जनवरी।

माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार की प्रेरणा एवं शासन/राज्य कर विभाग के निर्देशानुसार व्यापारी संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को हरिऔध कला केंद्र, आजमगढ़ के ऑडिटोरियम में अपंजीकृत एवं पंजीकृत व्यापारियों तथा युवा महिला/पुरुष उद्यमियों के लिए एक दिवसीय मेगा सेमिनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना (₹10 लाख), प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन पेंशन योजना, जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, जीएसटी सुधार 2.0, समाधान योजना, टीडीएस/टीसीएस सहित विभिन्न कर एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना तथा अपंजीकृत व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण हेतु प्रेरित करना रहा।

मेगा सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में श्री संजीव ओझा, मुख्य राजस्व अधिकारी, आजमगढ़ उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सम्भागीय वन अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, संयुक्त आयुक्त उद्योग, सब-रजिस्ट्रार सगड़ी, श्रम अधिकारी, सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन, सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सुपरिटेंडेंट सीजीएसटी, खनन निरीक्षक, बाट-माप विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य कर विभाग की ओर से संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) श्रीराम सरोज, उपायुक्त प्रशासन श्री संजय कुमार शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, टैक्स बार एसोसिएशन, डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, प्रतिष्ठित व्यापारी एवं मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि समस्याओं का समाधान स्वतः होना चाहिए तथा कर वसूली उत्पीड़न से नहीं, बल्कि संवाद और विश्वास से होनी चाहिए।

संयुक्त आयुक्त श्रीराम सरोज ने जानकारी दी कि पंजीकृत व्यापारियों के लिए ₹10 लाख की दुर्घटना बीमा योजना एवं ₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए पेंशन योजना लागू है, जिसमें 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के व्यापारी 60 वर्ष के बाद न्यूनतम ₹3000 मासिक पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।

सेमिनार में व्यापारियों द्वारा विभिन्न सुझाव एवं समस्याएं रखी गईं, जिन पर विभागीय अधिकारियों ने समाधान प्रस्तुत किया। व्यापार मंडल एवं टैक्स बार के पदाधिकारियों ने जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने में सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित करते हुए व्यापार को पारदर्शी रूप से संचालित करने, बिल लेने-देने की आदत विकसित करने तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई।

अंत में सेमिनार का सधन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन किया गया।

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