पूर्वांचल के लोगों को गुजरात की समृद्ध विरासत से जोड़ना मुख्य उद्देश्य,प्रो.संजीव कुमार

ग्राउंड जीरो पर जाकर कुलपति ने की गुजरात-दिवस के तैयारियों की समीक्षा,

आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के कुलाधिपति एवं प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के निर्देश व कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी के मार्गदर्शन में आगामी एक मई को गुजरात दिवस मनाए जाने की तैयारियों की समीक्षा के लिए कुलपति स्वयं ग्राउंड जीरो पर जाकर विधिवत समीक्षा की तथा सभी बिंदुओं पर समन्वयकों से विचारों का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार खुद आध्यात्मिक स्थल चंद्रमा ऋषि आश्रम जाकर कार्यक्रम में आयोजित होने वाले स्थल जैसे डांस का मंच, खेल का स्थल ,बापू बाजार, आंगनवाड़ी के बच्चों का प्रतिभा प्रदर्शन आदि स्थलों को चिन्हित किया।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि देर शाम कुलपति जी ने गुजरात दिवस की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए स्वयं सभी समन्वयकों के साथ चंद्रमा ऋषि आश्रम जाकर वही एक समीक्षा बैठक करके तैयारियों को बरखा तथा आवश्यकतानुसार दिशा निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि जहां तक गुजरात दिवस को उत्तर प्रदेश में मनाए जाने का प्रश्न है उसके पीछे महामहिम राज्यपाल एवं प्रदेश सरकार की मंशा यह है कि हम गुजरात का साहित्य, संस्कृति और समृद्ध विरासत से प्रदेशवासियों विशेष तौर से युवा पीढ़ी को अवगत करावें, तथा वहां जन्म लेने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व क्षमता से परिचित कराना । पूर्वांचल की बेटियां गुजराती लोक संस्कृति जिसमें मुख्य रूप से गरबा डांस, रास आदि से रूबरू होकर वहां की समृद्ध विरासत से अपने को जोड़ें। निश्चय ही इस लोक संस्कृति से जुड़ने पर बेटियों की मुस्कान में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बेटियों का है वर्तमान में हाई स्कूल और इंटर के परिणामों से भी स्पष्ट है कि बेटियां अब ड्राइविंग सीट पर बैठेंगी। गुजरात दिवस के अवसर पर खेलकूद आयोजन के साथ-साथ बापू बाजार कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसकी थीम होगी वस्त्रदान महादान। शहर के उत्तरी छोर पर स्थित भंवरनाथ में भोले बाबा के मंदिर से चंद कदम की दूरी पर स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम की एक विशेषता और है कि वहां की प्राकृतिक छँटा बरबस ही लोगों को आकर्षित करती है। कुलपति जी ने कहा कि भीषण गर्मी के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय परिवार ने इस स्थल का चयन किया है। जिसमें उन्हें न सिर्फ गुजरात की विरासत और संस्कृति की जानकारी होगी अपितु माँ तमसा नदी पर स्थित इस आश्रम की प्राकृतिक सुंदरता से भी नई पीढ़ी सीधे रूबरू होगी ,इससे पर्यावरण के प्रति उनके मन में सकारात्मक भावना जन्म लेगी जो निश्चय ही राष्ट्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

कार्यक्रम स्थल पर कुलपति जी के साथ आगामी एक मई को आयोजित गुजरात दिवस कार्यक्रम के सभी संयोजकगण प्रमुख रूप से प्रो. प्रशांत राय, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. देवेंद्र पांडे डॉ शशि प्रकाश डॉ सूर्य प्रकाश डॉ सचिन डॉ ऋतंभरा डॉ त्रिशिका आदि के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिसर के प्राध्यापकगण गैर शैक्षणिक कर्मचारी तथा कुलपति जी के निजी सहायक भूपेंद्र पांडे उपस्थित थे।

डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ मो.नं. 9452445878

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