उत्तर प्रदेश के साथ कानपुर में दूसरे दिन भी हड़ताल जारी है। धरमपुर बंबा और सजेती थाना इलाके के गुजेला के पास कानपुर सागर मार्ग पर दूसरे दिन भी ट्रक चालकों ने चक्का जाम किया। रोडवेज बसों को भी रोका। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार (मजिस्ट्रेट) तक की गाड़ी रोक दी। हालांकि पुलिस ने बसों और मजिस्ट्रेट की गाड़ी को निकलवाया।

इससे पहले, सड़क हादसे के बाद भागने पर ड्राइवरों पर पांच लाख रुपये का जुर्माना और 10 साल की सजा के प्रस्तावित कानून के विरोध में शहर में चक्का जाम हो गया। इससे रोडवेज बसों, ई-बसों, ऑटो, टेंपो का पहिया नहीं घूमा। इससे लोगों को पैदल ही गंतव्य को जाना पड़ा। लोग पीठ पर बैग लादकर पैदल चलने को मजबूर हुए।

करीब 75 हजार ऐसे वाहनों की हड़ताल से यात्रा करने वाले लोग दिन भर परेशान हुए। नए साल पर घूमने आने जाने वाले लोगों को भी वाहन न मिलने से पैदल आना जाना पड़ा। जो वाहन चालक सड़क पर निकले, उन्हें यूनियन के दबंगों ने पीटा। यात्रियों को वाहनों से उतारकर गालियां दीं और वाहनों पर तोड़फोड़ की।

यहां तक की ऊबर, ओला के चार पहिया वाहन भी नहीं चले। हालांकि बाइक सर्विस जारी रही। यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने एक से तीन जनवरी तक हड़ताल कर विरोध जताने का आह्वान किया है।

हड़ताल का असर दूध की आपूर्ति पर भी असर पड़ा। सुबह दुग्ध वाहन सेंटरों तक आ गए, लेकिन शाम को गाड़ी नहीं आई। दुकानों से लोग बिना दूध के ही वापस लौटे। करीब 100 बड़े वाहनों से दूध की आपूर्ति शहर और आसपास के क्षेत्रों में की जाती है।

हड़ताल इसी तरह से रही तो मंगलवार को संकट बढ़ सकता है। कानपुर से ही प्रयागराज और वाराणसी के लिए भी दूध की आपूर्ति होती है। इन जनपदों में भी दूध नहीं पहुंच पा रहा है। अमूल प्लांट के अधिकारी किशन यादव ने बताया कि हड़ताल से दिक्कत आ रही है।

आपको बता दें कि कानपुर में हिट एंड रन मामले में बनाए गए प्रस्तावित कानून के विरोध में सोमवार को बस, टेंपो ऑटो चालकों ने हड़ताल की। यूनियन के लोगों ने वाहन नहीं चलने दिए। वहीं, विरोध प्रदर्शन कई जगह उपद्रव में भी बदल गया। जो चालक टेंपो-ऑटो लेकर निकले उनसे मारपीट और अभद्रता की गई। सवारियों से भी गाली-गलौज की। इससे मर्यादाएं टूटती नजर आईं।

हर चौराहे पर यात्रियों की भीड़

80 प्रतिशत प्राइवेट, 75 प्रतिशत रोडवेज बसें नहीं चलीं

हड़ताल में मेट्रो बनी सहारा, 30 हजार यात्रियों ने किया सफर

70 प्रतिशत नहीं हो पाई गैस सिलेंडर की आपूर्ति

पेट्रोल डीजल का अभी पर्याप्त स्टॉक

 

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