संवाददाता जितेंद्र मौर्या 

अवैध कब्जा रोकने की जिम्मेदारी थानाध्यक्ष और सहायक चकबंदी अधिकारी जहानागंज को सौंपी

आजमगढ़ जिले के सदर तहसील क्षेत्र में 132 लैंड की सरकारी भूमि इन दीनों फिर से भु माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा होने लगी है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है भूमाफियाओं पर विभागीय कर्मचारी एवं लेखपाल दीपक गुप्ता मेहरबान है। आजमगढ़ जिले का ब्लॉक जहानागंज हमेशा चर्चा के सुर्खियों में बना रहता है। कभी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, तो कभी सरकारी धन को विना कार्य करवाने सरकारी धन को बन्दर बाँट को लेकर वहीं ग्रामसभा टेल्हुआ में 132 लैंड की सरकारी भूमि पर धणल्ले से अवैध निर्माण हो रही है। भुमाफियाओं पर जिम्मेदार कर्मचारी मेहरबान भी हैं उक्त भूमि पर विगत माह एसडीम सदर ज्ञानचंद गुप्ता ने संज्ञान में लेते हुए हो रहे अवैध कब्जे को रुकवाया था। उनके तबादले के बाद यहां फिर धड़ल्ले से निर्माण शुरू हो गया है। जिसको नवागत एसडीएम अतुल गुप्ता ने मामले को गम्भीरता से ले लिया है। जहां अवैध कब्जा रोकने की जिम्मेदारी सहायक चकबंदी अधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक थाना जहानागंज को सौंपी है। बताया जा रहा है कि टेल्हुआ गांव के गाटा संख्या 299 में 132 लैंड की सरकारी भूमि जो 1359 एवं 1356 फसली में 340 कड़ी भीटे के नाम से दर्ज भी है। जबकि उच्च न्यायालय का सख्त आदेश है कि 132 लैंड की सरकारी भूमि सुरक्षित बची रहे, सरकार और कोर्ट के सख्त आदेशों को ताक पर रखकर स्थानीय लेखपाल की मिली भगत से अवैध कब्जा कराने पर तुले हुवे हैं। यहां तो सरकारी भूमि को हड़पने में भू माफिया हावी भी हैं। जिनपर विभागीय कर्मचारी भूमाफियाओं पर मेहरबान भी हैं। जिसका नतीजा यह है कि सरकारी भूमि इन दिनों फिर अवैध कब्जा हो रही है। इस अवैध कब्जा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिस पर क्षेत्र वासियों में काफी आक्रोश भी है। इतना ही नहीं पूरे क्षेत्र में सरकारी जमीन अवैध कब्जा करने की चर्चा भी हो रही हैं। यह सरकारी भूमि अवैध कब्जा होने से कैसे बचे जिसका पूरे गाँव क्षेत्र की जनता बेसब्री से इंतजार भी कर रही है। देखना यह होगा की जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं या भूमाफिया दाव पेच लगाकर सरकारी भूमि हड़पने में सफल हो जाते हैं। सूत्रो द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जिले के अधिकारी नहीं चेते तो मामला उच्च न्यायालय में जाना तय माना जा रहा है। जिस पर उच्च न्यायालय द्वारा बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि नवागत उपजिलाधिकारी सदर अतुल गुप्ता ने सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जा को गम्भीरता से लिया है। सहायक चकबंदी अधिकारी और थाना प्रभारी निरीक्षक जहानागंज को पत्र भेजकर निर्देश भी दिया गया हैं। कि भिटा की भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को तत्काल रुकवा दें। एवं कृत कार्रवाई से अवगत भी करावे देखना यह होगा कि सरकारी भूमि अवैध कब्जा होने से बच जाती है या जिम्मेदार अधिकारी भूमाफियाओं पर मेहरबान होकर कब्जा करवा ही देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *