मण्डलायुक्त व डीआईजी ने रानी की सराय में विकास खण्ड कार्यालय, पीएचसी एवं थाना का किया औचक निरीक्षण।

निरीक्षण के दौरान विकास खण्ड कार्यालय में दो कर्मचारी मिले अनुपस्थित, मांगा स्पष्टीकरण।

एक सिपाही को अन्तिम चेतावनी तथा विवेचक व थाना प्रभारी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का दिया निर्देश।

आजमगढ़ मण्डलायुक्त विवेक तथा डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने मंगलवार को रानी की सराय स्थित विकास खण्ड कार्यालय, पीएचसी व थाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विकास खण्ड कार्यालय में दो कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये। मण्डलायुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों को तीन दिन के अन्दर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया।
मण्डलायुक्त व डीआईजी ने थाना रानी की सराय का वृहद निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने सबसे पहले सीसीटीएनएस डिपार्टमेन्ट को देखा, ऑनलाइन एफआईआर के सम्बन्ध में सम्बन्धित सिपाही से पूछताछ किया तथा कम्प्यूटर पर चेक भी कराया। थाने में स्थापित महिला हेल्पडेस्क काफी अन्दर स्थापित पाया गया, जबकि उसे सुविधाजनक स्थान पर होना चाहिए था, ताकि पीड़ित महिलायें आसानी से पहुंच सके। इसके अलावा पत्रावलियों का रख रखाव भी खराब था तथा कक्षों और परिसर में साफ सफाई का अभाव मिला, जिसपर थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार निरीक्षण में पाया गया विवेचक धीरज पटेल द्वारा समयान्तर्गत विवेचना पूर्ण नहीं की गयी है, जिसके लिए उन्हें स्पष्टीकरण प्रस्तुत का निर्देश दिया। अपराध रजिस्टर एवं ड्यूटी वितरण रजिस्टर के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि सिपाही प्रमोद द्वारा पुराने क्राइम को अद्यावधिक नहीं किया गया है, इस स्थिति पर अधिकारीद्वय द्वारा असन्तोष व्यक्त किया गया गया तथा सिपाही प्रमाद को अन्तिम चेतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त व डीआईजी ने थाना परिसर में चल रहे निर्माण कार्य तथा नवनिर्मत बैरक को भी देखा। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि साइन बोर्ड पर बैरक से सम्बन्धित समस्त सूचनायें अंकित कराई जायें।
थाना प्रभारी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया।
मण्डलायुक्त विवेक व डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने अपने निरीक्षण के दौरान सबसे पहले विकास खण्ड रानी की सराय का औचक निरीक्षण किया, जहॉं तकनीकी सहायक रोहित कुमार का उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर था परन्तु वह उपस्थित नहीं थे, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी अनीता यादव बिना अनुमति के अनुपस्थित थीं। इस सम्बन्ध में मण्डलायुक्त ने दोनों कर्मचारियों को तीन दिन के अंदर स्पटीकरण प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। विकास खण्ड के अन्तर्गत मनरेगा की समीक्षा में अवगत कराया गया कि वर्तमान में मुख्य रूप से चक बाहा निर्माण व बाहा की साफ सफाई, पशुशेड निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। यह भी बताया गया कि एनआरएलएम के अन्तर्गत 100 दिन का रोजगार दिया जा रहा है, निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष दीदियों को स्वयं सहायता समूहों के माध्म से लखपति बनाये जाने लक्ष्य लगभग पूर्ण हो गया है। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित हों तथा पूरे समय तक कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि फील्ड वर्कर फील्ड में जायें, मौके पर जन समस्याओं का गुणात्मक निस्तारण करायें। किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए, अन्यथा की स्थिति में सख्त कार्यवाही की जायेगी। पीएचसी के निरीक्षण में मौके पर एमओआईसी डा. मनीष तिवारी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे। एमओआईसी ने बताया कि स्वाथ्य केन्द्र पर 6 बेड की व्यवस्था है। स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती एक मरीज के परिजनों से भी दोनों अधिकारियों ने पूछताछ किया तो उनके द्वारा व्यवस्था के सम्बन्ध में कोई शिकायत नहीं की गयी, व्यवस्था को सही बताया गया।

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