सवाददाता, आजमगढ़
फूलपुर तहसील के सिंगारपुर गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्थानीय दबंग परिवार पर फर्जी दस्तावेजों और बाहुबल के बल पर करीब चार एकड़ जमीन हड़पने का आरोप लगा है। पीड़ित रत्नाकर मिश्र, स्व. हरिहर मिश्र के पुत्र हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्यायिक जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय रमाशंकर द्वारा वर्ष 1968 में दाखिल मुकदमे में गाटा संख्या 592 पर 560 कड़ी आबादी दर्ज कराई गई थी। लेकिन आज उनके वारिसान लगभग 940 कड़ी भूमि पर काबिज हैं। इसके अतिरिक्त, ग्राम समाज की लगभग 2 एकड़ 15 कड़ी मजरूआ भूमि को भी कब्जे में लेने का आरोप है, जिसके लिए पुराने रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी डिग्री के सहारे जमीन को अपने नाम दर्शाया गया।
रत्नाकर मिश्र का दावा है कि उक्त जमीन पर पहले से ही उनके पिता स्व. हरिहर मिश्र का वैध दावा था, जिसकी पुष्टि सन 1974 में हुई अपील के फैसले में भी हो चुकी है। बावजूद इसके, दबंगों ने 1978 में हाईकोर्ट में अपील लंबित रहने के दौरान ही चकबंदी विभाग को गुमराह कर जमीन का बंटवारा अपने पक्ष में करवा लिया।
चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित के अनुसार, नगर पालिका के तत्कालीन चेयरमैन से ₹3.5 लाख रुपये की अवैध उगाही कर इस मामले में समझौता दिखाया गया, जबकि जमीनी स्तर पर कब्जा अब भी बना हुआ है।
पीड़ित ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध फौजदारी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और जमीन की वास्तविक स्थिति की पुनः जांच की जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण पर क्या रुख अपनाता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

