ओपीएस के अलावा कोई पेंशन योजना स्वीकार्य नहीं : कमल अग्रवाल
हड़ताल की तैयारियों को लेकर सभी विभागों में होगी बैठक: अशोक सिंह
आजमगढ़,5 मई।
उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ के बेनर तले सोमवार को आजमगढ़ मंडल स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। राज्य अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने की। राज्य महामंत्री अशोक सिंह द्वारा संचालित इस बैठक में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बतौर मुख्य वक्ता भाग लिया।*बैठक में अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह,उप्र फेडरेशन ऑफ मिनिष्ट्रीयल सर्विसेस एसोसिएशंस के अध्यक्ष संदीप पाण्डेय, महामंत्री मंसूर अली,उप्र लोक निर्माण विभाग मिनिष्ट्रीयल एसोसिएशन प्रांतीय महामंत्री देवेन्द्र यादव, पूर्व वरिष्ठ नेता इंद्रासन व गिरीश चतुर्वेदी, अंजलि चौहान क्षेत्रीय अध्यक्ष, महामंत्री सुफियां बानों,महासंघ एवं बलिया जनपद के अध्यक्ष जेपी सिंह, अनिल सिंह, जिला अध्यक्ष रामसमुझ व महामंत्री दुर्गेश यादव आदि ने भाग लिया और बैठक को संबोधित किया।* *बैठक में उप्र सरकार द्वारा पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉम को निजी हाथों में सौंपने के फैसले की घोर निन्दा की नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी आफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर और विधुत कर्मचारी संयुक्त संधर्ष समिति के बेनर तले चल रहे आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया गया।*
*अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी, मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ और लंबित मांगों को लेकर 20 मई को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल होगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व होगी और बीस करोड़ से ज्यादा मजदूर एवं कर्मचारी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए 29 श्रम कानूनों को रद्द कर चार लेबर कोड्स बना दिए हैं। यह लेबर कोड्स मजदूरों को गुलाम बनाने का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि हड़ताल की प्रमुख मांगों में सभी संविदा एवं ठेका कर्मियों को नियमित करने, नियमित होंने तक समान काम समान वेतन, सेवा सुरक्षा सहित सभी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, खाली पड़े करोड़ों पदों को स्थाई भर्ती से भर बेरोजगारों को रोजगार देने, सरकारी विभागों को सिकोड़ना और पीएसयू के निजीकरण /निगमीकरण पर रोक लगाने,18 महीने का बकाया डीए डीआर का भुगतान करने आदि शामिल हैं।*
*उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों को पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली के अलावा कोई पेंशन स्कीम स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हड़ताल की प्रमुख मांगों में पेंशनर्स की 65 व 75 साल की उम्र में बेसिक पेंशन में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने, कम्युटेशन राशि को 15 की बजाय 10 साल 8 महीने में रिकवरी करने, संविधान के अनुच्छेद 310,311(2) ए,बी व सी को निरस्त करने आदि है। उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के महामंत्री अशोक सिंह व क्षेत्रीय अध्यक्ष रामसमुख यादव ने कहा कि 20 मई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की मांगों को लेकर सभी विभागों में गेट मीटिंग की जाएगी और हैंड बिल वितरण किये जाएंगे। उन्होंने कहा 20 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करके कर्मचारी जनपद मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेंगे।*
