आजमगढ़ सदर तहसील परिसर उस समय भावुक हो उठा जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी सुनील धनवंत के स्थानांतरण पर आयोजित विदाई समारोह में हर आंख नम हो उठी। प्रशासनिक सेवा की गरिमा, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रतीक रहे धनवंत को आज निजामाबाद तहसील के लिए स्थानांतरित किया गया है।

धनवंत को विदाई देने के लिए आजमगढ़ तहसील के अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्रीय जनता बड़ी संख्या में एकत्र हुए। हर व्यक्ति की जुबान पर एक ही बात थी — “धनवंत साहब जैसे अफसर बिरले ही होते हैं, जिन्होंने गरीबों के लिए न्याय को सुलभ और सजीव बनाया।”

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि सुनील धनवंत ने अपने कार्यकाल में गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए न्याय के दरवाजे खोल दिए। फरियाद सुनना हो या मौके पर जाकर समस्याएं हल करना — उनकी सक्रियता हर वर्ग के लिए प्रेरणा बनी।

इस भावनात्मक विदाई समारोह में शामिल हुए: राजकुमार सोनकर (राजस्व लेखपाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तहसील सदर), अमित कुमार, पंकज कुमार, प्रमोद कुमार सरोज, कुलदीप यादव, अखिलेश सिंह, बृजेश त्रिपाठी, गुलाब यादव, ऋषिमुनि राय, अरविंद यादव, महिला कर्मियों में – खुशी सिंह, जयप्रदा, दीपा गुप्ता, सुचित्रा, तथा तहसीलदार शैलेश कुमार यादव और उप जिलाधिकारी नागेंद्र कुमार गंगवार भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

कर्मचारियों ने मंच से अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि, “धनवंत साहब ने न केवल अधिकारी बनकर, बल्कि एक सच्चे सेवक की भूमिका निभाई। उन्होंने हम सभी के साथ मिलकर काम किया, हर समस्या को व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर उसका समाधान किया।”

 

उनकी कार्यशैली में सादगी और संवेदनशीलता रही। उन्होंने कभी अपने पद का दुरुपयोग नहीं किया, बल्कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को अपना समझकर उसकी मदद की। शायद यही वजह है कि आज जब वे जा रहे हैं, तो हर चेहरा भावुक है और हर दिल उनके आभार से भरा हुआ। संवेदनाओं का अद्वितीय संगम थे सुनील धनवंत। आजमगढ़ उनकी सेवाओं को लंबे समय तक याद रखेगा।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *